कोंडागांवछत्तीसगढ़

गांव के द्वार पहुंची डिजिटल सरकार: बड़ेकनेरा का ‘सेवा सेतु’ मॉडल बना ग्रामीण सुशासन की नई मिसाल

रायपुर, 1 जून 2026

मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने सोमवार को कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में स्थापित अटल डिजिटल सुविधा केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण डिजिटल सुशासन के अभिनव मॉडल ‘सेवा सेतु’ की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया और विभिन्न हितग्राहियों से संवाद कर सरकारी योजनाओं की पहुंच, पारदर्शिता और प्रभाव का फीडबैक लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य शासन की योजनाओं और सेवाओं को गांव स्तर पर ही सरल, सहज और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि ‘सेवा सेतु’ अभियान और अटल डिजिटल सुविधा केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, जिससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिल रही है।

हितग्राहियों ने बताई योजनाओं की उपयोगिता

मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान कौशल्या मानिकपुरी ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से महतारी वंदन योजना की राशि मिल रही है, जिससे घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है। वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से खेती-किसानी के कार्यों में भी सहूलियत मिली है।

इसके अलावा सुमति मानिकपुरी, अमिल मानिकपुरी और पचमती बघेल ने बताया कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनाया है। वहीं वेंकटरमणा जंगम ने वृद्धावस्था पेंशन और महतारी वंदन योजना का नियमित लाभ मिलने पर संतोष जताया।

एक ही छत के नीचे मिल रही दर्जनों सेवाएं

अटल डिजिटल सुविधा केंद्र में आय, जाति, मूल निवासी प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु पंजीयन, विवाह पंजीयन और भवन निर्माण अनुमति जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा नकद निकासी, फंड ट्रांसफर, पेंशन सेवाएं, बीमा, पैन कार्ड, पासपोर्ट आवेदन, बिजली बिल भुगतान, यात्रा टिकट बुकिंग और विभिन्न सरकारी योजनाओं का ऑनलाइन पंजीयन भी इसी केंद्र के माध्यम से किया जा रहा है।

केंद्र में आवेदन प्रेषण के लिए 30 रुपये तथा प्रिंट आउट के लिए 5 रुपये प्रति पृष्ठ शुल्क निर्धारित किया गया है।

हर महीने 15 से 20 लाख रुपये का डिजिटल लेन-देन

केंद्र में ‘सेवा सेतु मैनेजर’ के रूप में कार्यरत संजय मिश्रा ने मुख्यमंत्री को बताया कि यहां से प्रतिमाह लगभग 15 से 20 लाख रुपये का डिजिटल ट्रांजेक्शन किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस पहल से ग्रामीणों को सुविधाएं मिलने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं।

ग्रामीणों का समय, श्रम और धन बचा

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को बताया कि अब अधिकांश सरकारी सेवाएं गांव में ही उपलब्ध होने से उन्हें दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। इससे समय, श्रम और धन की बचत हो रही है तथा शासन के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत हुआ है।

बड़ेकनेरा का ‘सेवा सेतु’ मॉडल अब ग्रामीण डिजिटल सशक्तिकरण, पारदर्शी सेवा वितरण और सुशासन की नई मिसाल बनकर उभर रहा है।

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