छत्तीसगढ़

बलौदाबाजार हिंसा केस में अमित बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, जमानत मंजूर; 3 महीने रायपुर से रहना होगा बाहर

रायपुर, 17 जुलाई 2026

बलौदाबाजार हिंसा मामले में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के सुप्रीमो अमित बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने अमित बघेल, अजय यादव और दिनेश वर्मा को जमानत दे दी है। इसके साथ ही सभी मामलों में जमानत मिलने के बाद अमित बघेल के जेल से रिहा होने का रास्ता साफ हो गया है।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते हुए अहम शर्त भी लगाई है। अदालत के आदेश के अनुसार अमित बघेल अगले तीन महीने तक रायपुर जिले में प्रवेश नहीं कर सकेंगे और इस अवधि में उन्हें जिले से बाहर रहना होगा।

सुनवाई के दौरान अमित बघेल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता बी. वी. सुरेश और अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा ने पक्ष रखा। वहीं राज्य सरकार ने जमानत का विरोध करते हुए दलील दी कि मामले के कई अन्य आरोपी करीब सात महीने से जेल में हैं, जबकि अमित बघेल की हिरासत की अवधि कम रही है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने पहले उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि सिर्फ हिरासत की अवधि जमानत खारिज करने का आधार नहीं हो सकती। इसी टिप्पणी के साथ कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त (क्वैश) कर दिया।

बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि राज्य सरकार ने अमित बघेल को हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता (किंगपिन) बताया था, लेकिन इस दावे के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और जांच से जुड़े सभी दस्तावेज रिकॉर्ड पर उपलब्ध हैं। ऐसे में आरोपी को अनिश्चितकाल तक जेल में रखना उचित नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर अदालत ने अमित बघेल, अजय यादव और दिनेश वर्मा को जमानत देने का आदेश दिया।

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