छत्तीसगढ़ की मस्जिदों-दरगाहों में होगा ध्वजारोहण, राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत भी होंगे: वक्फ बोर्ड अध्यक्ष बोले- तिरंगे का सम्मान नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई

रायपुर,14 अगस्त 2026
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की मस्जिदों, दरगाहों, इमामबाड़ों और खानकाहों में ध्वजारोहण किया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के आयोजन के निर्देश दिए गए हैं। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में राष्ट्रीय पर्व को सम्मानपूर्वक मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश के सम्मान और गौरव का प्रतीक है और इसका सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
डॉ. सलीम राज के मुताबिक, केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप 15 अगस्त को मस्जिदों और मदरसों सहित संबंधित धार्मिक स्थलों पर स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और देशभक्ति की भावना को मजबूत करना है।
निर्देशों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि ध्वजारोहण और निर्धारित कार्यक्रमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर भारत में रहना है तो कानून और संविधान का पालन करना होगा।
डॉ. सलीम राज ने तिरंगे के सम्मान को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि तिरंगे का सम्मान नहीं करने वालों को देश में रहने का अधिकार नहीं है और ऐसे लोगों को पाकिस्तान चले जाना चाहिए।
पिछली बार 12 मुतवल्लियों पर हुई कार्रवाई
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार, पिछली बार प्रदेश की 8,232 मस्जिदों, दरगाहों, इमामबाड़ों और मदरसों में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया गया था। इस दौरान करीब 42 लोगों द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने की बात सामने आई थी।
उन्होंने बताया कि इनमें से कुछ लोगों ने बाद में माफी मांग ली, जबकि 12 मुतवल्लियों को उनके पद से हटा दिया गया था।
राष्ट्रगीत के अपमान पर कानूनी प्रावधान
अधिवक्ता विपिन अग्रवाल के अनुसार, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के अपमान या उसके गायन में जानबूझकर बाधा डालने जैसी गतिविधियों के खिलाफ कानूनी प्रावधान हैं। ऐसे मामलों में शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जा सकती है।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ राष्ट्रगीत नहीं गाना हर स्थिति में अपराध नहीं माना जाएगा। कानून मुख्य रूप से जानबूझकर अपमान करने या गायन में बाधा डालने जैसी गतिविधियों पर लागू होता है।




