छत्तीसगढ़बस्तर संभाग

कर्रेगुट्टा पर पहुंची बस्तर तिरंगा यात्रा, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने फहराया तिरंगा

बस्तर, 14 अगस्त 2026

बस्तर तिरंगा यात्रा के तीसरे और अंतिम दिन उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप और सांसद श्री महेश कश्यप ने बीजापुर से यात्रा शुरू की। आवापल्ली, गलगम, उसूर, नम्बी और ताड़पाला होते हुए यात्रा कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पहुंची, जहां उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर तिरंगा फहराकर 600 किलोमीटर लंबी यात्रा का समापन किया।

तीन दिनों में मंत्री द्वय और सांसद ने नारायणपुर, कोंडागांव, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर सहित पांच जिलों में करीब 600 किलोमीटर की बाइक यात्रा पूरी की। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर शहीद जवानों की स्मृति में पौधारोपण किया गया और शहादत स्थलों की मिट्टी भी संग्रहित की गई। नेताओं ने शहीदों के परिजनों और ग्रामीणों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।

कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर जवानों के साथ तिरंगा फहराते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के सबसे सुरक्षित गढ़ रहे क्षेत्र में जवानों के सानिध्य में तिरंगा फहराना गौरव का क्षण है। उन्होंने जवानों के अदम्य साहस को नमन करते हुए कहा कि बस्तर की जनता और शहीद जवानों का पराक्रम जीत रहा है और नक्सलवाद हार रहा है।

श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर के लोगों के मन से भय पहले ही काफी हद तक समाप्त हो चुका था और बस्तर तिरंगा यात्रा ने बचे हुए भय और भ्रम को भी दूर करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि बस्तर में अभी विकास के कई कार्य किए जाने हैं और यह विकास बस्तर की अपनी लय और संस्कृति के अनुरूप किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर को समृद्ध बनाने का संकल्प दोहराया।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि कभी जिस कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर जाना मुश्किल था, वहां आज बिना किसी भय के तिरंगा फहराना ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन और केंद्रीय गृह मंत्री के मार्गदर्शन से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण मजबूत हुआ है।

सांसद श्री महेश कश्यप ने कहा कि 600 किलोमीटर की तिरंगा यात्रा ऐतिहासिक अवसर है। आजादी के 79 वर्ष बाद इन क्षेत्रों में तिरंगा पूरे सम्मान और शान के साथ लहरा रहा है। उन्होंने कहा कि तिरंगा शांति, बलिदान, हरियाली और पराक्रम का संदेश देता है।

यात्रा के दौरान आवापल्ली, गलगम, उसूर, नम्बी, ताड़पाला और कर्रेगुट्टा में ग्रामीणों ने यात्रा का जोरदार और आत्मीय स्वागत किया। बच्चों और ग्रामीणों ने भारत माता की जय और तिरंगे की जय के नारों से वातावरण को राष्ट्रभक्ति से भर दिया।

इस अवसर पर चैतराम अटामी, पूर्व विधायक श्री महेश गागड़ा सहित बड़ी संख्या में युवा और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

टेकलगुडेम में देर रात हुआ आत्मीय स्वागत

यात्रा के दूसरे दिन देर शाम करीब 9 बजे उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा और वन मंत्री श्री कश्यप टेकलगुडेम पहुंचे। कभी घोर नक्सल प्रभावित रहे इस क्षेत्र में ग्रामीणों ने तिरंगा हाथ में लेकर उनका स्वागत किया। पूवर्ती सहित आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग यात्रा के स्वागत के लिए पहुंचे। भारी बारिश के बावजूद सिलगेर, ताड़मेटला, तर्रेम और जगरगुंडा के ग्रामीण देर रात तक मार्ग में मौजूद रहे। ग्रामीणों के उत्साह और आत्मीय स्वागत के साथ यात्रा शुक्रवार रात बीजापुर वापस पहुंची।

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