केदार कश्यप की पहल से बीजापुर के वनांचलों में समृद्धि की नई लहर, एक तालाब से 150 क्विंटल मछली उत्पादन, ग्रामीणों को लाखों की आय

जगदलपुर/बीजापुर। वन मंत्री केदार कश्यप की पहल से बीजापुर के वनांचलों में कैम्पा मद से निर्मित वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर (WHS) ग्रामीणों के लिए आय, रोजगार और पोषण का मजबूत आधार बन रहे हैं। भैरमगढ़ परिक्षेत्र के पोन्दुम, हलूर, कोतरापाल और करेंमरका गांवों में बने तालाबों से ग्रामीणों को आर्थिक लाभ मिलने लगा है।
ग्राम पोन्दुम में लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में निर्मित तालाब से मछली निकासी के पहले ही दिन करीब 150 क्विंटल मछली प्राप्त हुई। कई मछलियों का वजन 4 से 5 किलोग्राम तक पाया गया। वन विभाग के अनुसार इस तालाब से ग्रामीणों को 5 लाख रुपये से अधिक की आय होने की संभावना है।
वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वर्ष 2023-24 के दौरान अन्य गांवों में भी ऐसे तालाब बनाए गए हैं, जहां मछली पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। अधिकारियों का अनुमान है कि इन गांवों के ग्रामीणों को भी 5 से 6 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आय मिल सकती है।
इन जल संरचनाओं से मछली उत्पादन के साथ भूजल स्तर में सुधार, सिंचाई सुविधा का विस्तार, स्थानीय स्तर पर पौष्टिक आहार की उपलब्धता और रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।
वन विभाग के अनुसार यह मॉडल जल संरक्षण, आजीविका संवर्धन और सामुदायिक सहभागिता का सफल उदाहरण बनकर उभरा है। इसकी सफलता से प्रेरित होकर अब क्षेत्र के अन्य गांव भी ऐसे तालाबों की मांग कर रहे हैं।




