हीट वेव में वन्यजीवों की सुरक्षा पर सरकार अलर्ट: खैरागढ़ में बढ़ी मॉनिटरिंग, बनाए गए अस्थायी वाटर होल

रायपुर, 29 मई 2026। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार चल रही हीट वेव के बीच वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर वन विभाग द्वारा प्रदेशभर में वन्यप्राणियों के लिए पेयजल, निगरानी और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।
इसी दौरान खैरागढ़ वनमंडल के दल्लीखोली क्षेत्र में कुछ वन्यजीवों और पक्षियों के मृत पाए जाने की सूचना मिलने पर वन विभाग ने तत्काल राहत और जांच कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंची और वैधानिक प्रक्रिया के तहत जांच प्रारंभ की गई।
प्राथमिक जांच में पशु चिकित्सकों और विशेषज्ञ अधिकारियों की टीम ने अत्यधिक तापमान और लगातार जारी हीट वेव को संभावित कारण माना है। बढ़ती गर्मी के चलते प्राकृतिक जल स्रोतों का जलस्तर प्रभावित होने की बात भी सामने आई है। एहतियात के तौर पर जल स्रोतों और मिट्टी के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं।
वन मंत्री के निर्देश पर खैरागढ़ वनमंडल में तत्काल तीन अस्थायी वाटर होल तैयार किए गए हैं, जहां नियमित रूप से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त वाटर होल विकसित करने की कार्रवाई भी जारी है।
वन विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने के साथ-साथ वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रैप कैमरे भी लगाए हैं। अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि संकट की स्थिति में वन्यजीवों को तुरंत सहायता मिल सके।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव पर्यावरणीय संतुलन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनका संरक्षण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
वन विभाग ने आम नागरिकों और ग्रामीणों से अपील की है कि यदि कोई वन्यप्राणी या पक्षी घायल, अस्वस्थ या संकट की स्थिति में दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम वन कार्यालय या 24×7 कंट्रोल रूम नंबर 9301321797 पर दें, ताकि समय रहते सहायता उपलब्ध कराई जा सके।




