छत्तीसगढ़बिलासपुर संभाग

2.17 करोड़ लेने के बाद भेजा सिर्फ 68 लाख का माल: इथेनॉल प्रोजेक्ट में 1.48 करोड़ की धोखाधड़ी, संचालक पर केस

रायगढ़। जिले में स्थापित किए जा रहे इथेनॉल प्लांट के लिए उपकरण खरीदने के नाम पर 1 करोड़ 48 लाख 50 हजार रुपए की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि दिल्ली की एक कंपनी ने फर्जी इनवॉयस और डिस्पैच दस्तावेज जारी कर करोड़ों रुपए प्राप्त कर लिए, लेकिन तय सामान की आपूर्ति नहीं की। शिकायत के आधार पर पूंजीपथरा थाना पुलिस ने कंपनी संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, सिद्धि विनायक कॉलोनी, इंदिरा नगर निवासी राकेश प्रकाश पांडेय (59) ने शिकायत दर्ज कराई है। वे वर्ष 2004 से ग्राम सराईपाली स्थित नवदुर्गा फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। कंपनी द्वारा 100 KLPD क्षमता का ग्रेन बेस्ड इथेनॉल प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जिसके लिए 75 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले ग्रेन स्टोरेज साइलो की आवश्यकता थी।

कंसल्टेंट के जरिए हुआ सौदा

शिकायत के मुताबिक, परियोजना के कंसल्टेंट सुखराज सोनी ने दिल्ली स्थित Ben and Gaws Pvt. Ltd. से संपर्क कराया। कंपनी ने कम कीमत पर साइलो उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई और 20 अप्रैल 2024 को परचेज ऑर्डर जारी किया गया।

समझौते के तहत 75 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले दो साइलो खरीदने का सौदा लगभग 2.97 करोड़ रुपए में तय हुआ। 18 प्रतिशत जीएसटी जोड़ने के बाद कुल राशि 3.50 करोड़ रुपए से अधिक हो गई।

2.17 करोड़ का भुगतान, मिला सिर्फ 68 लाख का सामान

नवदुर्गा फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड ने अलग-अलग किश्तों में RTGS के माध्यम से कुल 2 करोड़ 17 लाख 55 हजार 265 रुपए का भुगतान किया। इसके बदले कंपनी को 20 दिसंबर 2024 तक केवल 68 लाख 90 हजार 400 रुपए मूल्य का सामान ही प्राप्त हुआ।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शेष सामग्री की आपूर्ति दिखाने के लिए कंपनी ने 1 करोड़ 48 लाख 50 हजार रुपए का इनवॉयस जारी कर दिया और दावा किया कि पूरा माल भेज दिया गया है, जबकि वास्तविकता में सामान साइट तक पहुंचा ही नहीं।

फर्जी डिस्पैच दस्तावेज भेजकर करता रहा गुमराह

कंपनी अधिकारियों को संदेह होने पर उन्होंने Ben and Gaws Pvt. Ltd. के संचालक द्विपायन दत्ता से संपर्क किया। आरोप है कि उसने दो महीने के भीतर पूरा माल भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में लगातार टालमटोल करता रहा। इस दौरान ई-मेल के माध्यम से कथित तौर पर फर्जी डिस्पैच दस्तावेज भेजकर कंपनी को भरोसे में लेने की कोशिश की गई।

1.48 करोड़ का चेक भी हुआ बाउंस

जब सामान नहीं मिला तो 29 दिसंबर 2024 को कंपनी के कर्मचारी मोहित कुमार को हरियाणा स्थित कार्यालय भेजा गया। वहां कंपनी की ओर से 1 करोड़ 48 लाख 44 हजार 160 रुपए का चेक दिया गया।

हालांकि, यह चेक दिल्ली के बदरपुर स्थित बंधन बैंक में जमा कराने पर खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण बाउंस हो गया। इसके बाद कंपनी अधिकारियों को धोखाधड़ी की आशंका हुई और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने शुरू की जांच

पूंजीपथरा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर Ben and Gaws Pvt. Ltd. के संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि भुगतान, इनवॉयस, बैंक लेनदेन और कंपनी के बीच हुए दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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