
जगदलपुर, 23 जून 2026
मानसून की पहली बारिश के साथ बस्तर संभाग में खरीफ फसल सीजन 2026 ने रफ्तार पकड़ ली है। कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अनुसार संभाग में निर्धारित 9 लाख 16 हजार हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 40 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई की जा चुकी है। वहीं किसान अपनी सुविधा और सिंचाई साधनों की उपलब्धता के अनुसार धान की रोपाई में भी जुट गए हैं।
संयुक्त संचालक कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग महादेव ध्रुव ने बताया कि खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए किसानों की जरूरत के मुताबिक बीज और उर्वरक का भंडारण एवं वितरण लगातार किया जा रहा है। अब तक 63 हजार क्विंटल बीज की मांग के मुकाबले 45 हजार क्विंटल से अधिक बीज का भंडारण किया गया है, जिसमें से 17 हजार क्विंटल से अधिक बीज किसानों को वितरित किया जा चुका है।


उन्होंने बताया कि उर्वरक के लिए निर्धारित 1 लाख 82 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 95 हजार मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया गया है। इनमें से 39 हजार मीट्रिक टन उर्वरक किसानों को वितरित किया जा चुका है। शेष मांग को पूरा करने के लिए जिलों में लगातार आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
राज्य शासन की मंशा के अनुरूप धान के विकल्प के रूप में दलहन और तिलहन फसलों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके तहत किसानों को मक्का, अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी, मूंगफली, तिल, सोयाबीन और रामतिल जैसी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अलावा कोदो, कुटकी, रागी और ज्वार जैसी लघु धान्य फसलों के रकबे में भी वृद्धि करने का प्रयास किया जा रहा है।
महादेव ध्रुव ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत संचालित प्रदर्शन कार्यक्रम में इस वर्ष विशेष रूप से नियद नेल्लानार योजना क्षेत्र के किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप सुगंधित धान, दलहन और तिलहन फसलों के प्रदर्शन पर विशेष फोकस किया गया है, ताकि किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों का लाभ मिल सके।
कृषि विभाग द्वारा कृषक मित्रों, मैदानी अमले, कृषि संगोष्ठियों और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती, फसल प्रबंधन और तकनीकी सलाह उपलब्ध कराई जा रही है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे खरीफ नियंत्रण कक्ष अथवा अपने क्षेत्र के कृषि अधिकारियों से संपर्क कर बीज, खाद और फसल संबंधी नवीनतम कृषि सलाह प्राप्त करें।




