
जगदलपुर, 23 जून 2026
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन वितरण को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने जिले की सभी ऑनलाइन उचित मूल्य दुकानों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। नए निर्देशों के अनुसार अब राशन सामग्री का वितरण अनिवार्य रूप से ई-पॉस मशीन के माध्यम से आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से ही किया जाएगा।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि भारत सरकार की वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आधार प्रमाणीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इससे वास्तविक हितग्राहियों तक खाद्यान्न पहुंच सुनिश्चित होगा और अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा।
प्रशासन द्वारा जारी परिपत्र में बताया गया है कि कई उचित मूल्य दुकानों में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बजाय मोबाइल OTP के माध्यम से राशन वितरण किए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। इससे गड़बड़ी और फर्जीवाड़े की आशंका बढ़ रही थी। इसे रोकने के लिए अब OTP आधारित वितरण को केवल अत्यंत विशेष परिस्थितियों तक सीमित कर दिया गया है।
निर्देशों के अनुसार केवल उन राशन कार्डधारकों को OTP की सुविधा मिल सकेगी, जिनके परिवार के सभी सदस्य 60 वर्ष से अधिक आयु के हों, 10 वर्ष से कम आयु के हों या वे एकल निराश्रित एवं निःशक्तजन श्रेणी के हितग्राही हों। इसके अलावा भी OTP का विकल्प तभी उपलब्ध होगा, जब बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का प्रयास पूरी तरह असफल हो जाए।
कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया है कि यदि किसी राशन कार्डधारी की ओर से नामांकित व्यक्ति (नॉमिनी) खाद्यान्न लेने आता है, तो उसे भी अपने स्वयं के आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद ही राशन प्राप्त होगा। इससे किसी भी प्रकार के दुरुपयोग और फर्जी वितरण पर रोक लगाई जा सकेगी।
तकनीकी समस्या की स्थिति में उचित मूल्य दुकान संचालकों को तत्काल खाद्य निरीक्षक और तकनीकी सहायता टीम को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि समस्या का शीघ्र समाधान किया जा सके और हितग्राहियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कलेक्टर आकाश छिकारा ने चेतावनी दी है कि यदि कोई दुकान संचालक जानबूझकर आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को नजरअंदाज कर OTP के माध्यम से वितरण को प्राथमिकता देता है, तो उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश के तहत कड़ी वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने जिले के सभी राशन कार्डधारियों से अपील की है कि वे खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए अंगूठे अथवा उंगली के निशान आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का ही उपयोग करें। साथ ही नए नियमों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए सभी उचित मूल्य दुकानों में बैनर, पोस्टर और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।




