
बस्तर, 23 जून 2026
विकासखंड बस्तर की ग्राम पंचायत कुंडगुड़ा के आश्रित ग्राम खैरगुड़ा में प्राथमिक शाला के दो नए भवन अधूरे पड़े होने से विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करोड़ों नहीं बल्कि लाखों रुपये की लागत से स्वीकृत भवनों का निर्माण वर्षों बाद भी पूरा नहीं हो पाया, जिसके कारण कक्षा पहली से पांचवीं तक के 75 से अधिक बच्चे मात्र दो कमरों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
शाला परिसर में लगे सूचना बोर्ड के अनुसार प्राथमिक शाला खैरगुड़ा मधोता-02 के लिए मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत 15.30 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। इस भवन का निर्माण जिला निर्माण समिति, जिला बस्तर द्वारा कराया जा रहा है। भवन की स्वीकृति 14 फरवरी 2023 को मिली थी और वर्षा ऋतु को छोड़कर चार माह में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
हालांकि भवन की दीवारें और छत का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक फर्श पर टाइल्स लगाने, रंगाई-पुताई और विद्युतीकरण का कार्य अधूरा है। भवन का हैंडओवर नहीं होने के कारण बच्चों को नए भवन में स्थानांतरित नहीं किया जा सका है।
वहीं दूसरा भवन जिला खनिज न्यास (DMF) मद से स्वीकृत हुआ है, जिसकी निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत है। इस भवन में नींव और कॉलम का कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन महीनों से छत ढलाई का कार्य लंबित पड़ा हुआ है।
दोनों भवनों का निर्माण अधूरा होने के कारण स्कूल का संचालन पुराने दो कमरों में किया जा रहा है। स्थिति यह है कि एक कमरे में 37 से 38 बच्चे बैठते हैं, जबकि कई बार एक ही कमरे में तीन-तीन कक्षाओं का संचालन करना पड़ता है। इससे न केवल पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निर्धारित छात्र-कक्ष अनुपात के मानकों का भी पालन नहीं हो पा रहा है।
इस मामले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) भारती देवांगन ने बताया कि दोनों निर्माणाधीन भवनों का निरीक्षण किया गया है। DMF मद से स्वीकृत भवन की निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत है और संबंधित सचिव को कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए जनपद पंचायत बस्तर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को भी पत्र लिखा गया है।
हालांकि इस संबंध में जनपद पंचायत बस्तर के CEO से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।




