बैगा परिवारों के बीच पहुंचे डिप्टी CM विजय शर्मा: जमीन पर बैठकर किया भोजन, 92.50 लाख के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर, 23 जून 2026
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के सुदूर बैगा बाहुल्य वनांचल क्षेत्र का दौरा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। अपने सहज और आत्मीय अंदाज में उन्होंने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं, विकास संबंधी मांगों पर चर्चा की और अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत केसमर्दा, दलदली, भुरसीपकरी, पीपरखुंटा और चेंदरादादर सहित कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने 92.50 लाख रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की, जिसमें सड़क, सामुदायिक भवन, देवगुड़ी, आंगनबाड़ी भवन, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं।
केसमर्दा पंचायत में उप मुख्यमंत्री ने हैंडपंप स्थापना, सीसी रोड निर्माण, किचन शेड और देवगुड़ी भवन निर्माण की घोषणा की। वहीं बोदई और गभोड़ा गांवों में भी सड़क और देवगुड़ी निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई।
दलदली पंचायत में हैंडपंप, पाइप पुलिया और आश्रित ग्राम दरई में सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा की गई। वहीं भुरसीपकरी पंचायत में स्कूल भवन, आहाता निर्माण, कुओं के निर्माण, सांस्कृतिक मंच और नवीन आंगनबाड़ी भवन से जुड़े कार्यों को स्वीकृति दी गई।
पीपरखुंटा पंचायत में सामुदायिक भवन, सीसी रोड, हैंडपंप और देवगुड़ी निर्माण की घोषणाएं की गईं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों तक विद्युत सुविधा पहुंचाने और सार्वजनिक कुओं के निर्माण का भी आश्वासन दिया गया।
इसी तरह चेंदरादादर पंचायत में सामुदायिक भवन, सीसी रोड और हैंडपंप स्थापना की घोषणा की गई। आश्रित ग्राम धनवाही में नवीन आंगनबाड़ी भवन, कोयलारी में स्कूल बाउंड्रीवाल तथा मुकाम में देवगुड़ी भवन और हैंडपंप स्थापना को मंजूरी प्रदान की गई।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार गांव, गरीब, किसान और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, पेयजल, आंगनबाड़ी और सामुदायिक सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है ताकि कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से पीछे न रहे।
कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक क्षण तब रहा जब उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बैगा परिवारों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से आत्मीय चर्चा की, उनकी समस्याओं और जरूरतों को समझा तथा अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।




