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NEET UG परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा: बायोमेट्रिक सिस्टम में सेंध लगाकर बैठाए नकली परीक्षार्थी, 30 गिरफ्तार

बिहार, 22 जून 2026

बिहार में आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि सॉल्वर गैंग ने बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली में सेंध लगाकर असली अभ्यर्थियों की जगह नकली परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिलाया।

मेडिकल छात्र चला रहा था रैकेट

जांच के अनुसार पावापुरी मेडिकल कॉलेज का छात्र रविशंकर इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक बताया जा रहा है। उसने विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के छात्रों को सॉल्वर बनाकर परीक्षा में बैठाने की योजना तैयार की थी।

बायोमेट्रिक स्टाफ बनकर की हेराफेरी

पुलिस के मुताबिक पटना मेडिकल कॉलेज के चतुर्थ वर्ष के छात्र मयंक कश्यप ने फर्जी पहचान के जरिए बायोमेट्रिक स्टाफ के रूप में काम किया। आरोप है कि इसी माध्यम से बायोमेट्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर फर्जी परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों के भीतर प्रवेश दिलाया गया।

30 लोग गिरफ्तार

मामले में अब तक 9 सॉल्वर, बायोमेट्रिक एजेंसी से जुड़े कर्मियों और गिरोह के अन्य सदस्यों समेत 30 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में एक मूल परीक्षार्थी भी शामिल है।

10 से 12 लाख रुपये में होता था सौदा

लखीसराय के एसडीपीओ शिवम कुमार के अनुसार प्रारंभिक जांच में प्रत्येक अभ्यर्थी से 10 से 12 लाख रुपये में सौदा तय होने की जानकारी मिली है। इसमें एक से दो लाख रुपये अग्रिम लिए जाते थे, जबकि बाकी रकम सफलता और नामांकन के बाद ली जानी थी।

डिजिटल लेन-देन की जांच शुरू

पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल कॉल डिटेल और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ आगे बढ़ने के साथ पूरे नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं।

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