79 साल बाद भी अंधेरे में 5 पंचायतें: बिजली-पानी के लिए आदिवासी अब खून से PM मोदी को लिखेंगे चिट्ठी, 10 जून को महा बैठक

गरियाबंद, 7 जून 2026
आजादी के 79 साल बाद भी गरियाबंद जिले के सुदूर वनांचल राजापड़ाव क्षेत्र की 5 ग्राम पंचायतें अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं। बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए वर्षों से संघर्ष कर रहे आदिवासियों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर क्षेत्र में बिजली की मांग करेंगे।
रविवार को ग्राम गोना में किसान संघर्ष समिति और जय अंबेडकरवादी युवा संगठन राजापड़ाव क्षेत्र के बैनर तले आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में सैकड़ों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया और 10 जून को ग्राम अड़गड़ी में महा बैठक आयोजित करने का फैसला किया।
5 पंचायतें अब भी बिजली से वंचित
ग्रामीणों के अनुसार, राजापड़ाव क्षेत्र उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के बफर जोन में स्थित है। यहां 8 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत 48 गांव, पारा और टोले आते हैं। इनमें से केवल 3 पंचायतों के मुख्य गांवों तक ही बिजली पहुंची है, जबकि 5 पंचायतें आज भी पूरी तरह बिजली विहीन हैं।
NOC का हवाला देकर टलता रहा मामला
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विस्तार की मांग उठाने पर हर बार उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व और NTCA की NOC का हवाला देकर मामला टाल दिया जाता है। अधिकारियों द्वारा समाधान केंद्र सरकार स्तर पर संभव बताए जाने के बाद अब लोगों ने सीधे प्रधानमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने का फैसला किया है।
खून से पत्र लिखेंगे आदिवासी
ग्रामीणों ने घोषणा की है कि 10 जून को अड़गड़ी में होने वाली महा बैठक में हजारों आदिवासी खून से पत्र लिखकर प्रधानमंत्री से बिजली उपलब्ध कराने की मांग करेंगे।
ग्राम सभा शिलालेख भी होगा स्थापित
बैठक में पेसा कानून के तहत ग्राम सभा के अधिकारों और स्थानीय स्वशासन के प्रतीक के रूप में ग्राम सभा शिलालेख स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया। इसके लिए प्रत्येक गांव से 20 रुपये सहयोग राशि जुटाई जा रही है।
8 जून को SDM को सौंपेंगे 17 सूत्रीय ज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि 29 मई को सुशासन तिहार कार्यक्रम में उठाई गई 17 मांगों को लेकर 8 जून को SDM मैनपुर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और वन अधिकार पट्टों से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
नारों से गूंजा गोना गांव
बैठक के दौरान “जल-जंगल-जमीन हमारा है”, “बिजली-पानी अधिकार हमारा है” और “79 साल का अंधेरा अब नहीं सहेंगे” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
राजापड़ाव क्षेत्र एक नजर में
- कुल ग्राम पंचायतें: 8
- कुल गांव, पारा और टोले: 48
- आंशिक रूप से विद्युतीकृत पंचायतें: 3
- पूरी तरह अंधेरे में पंचायतें: 5
- 8 जून: SDM मैनपुर को 17 सूत्रीय ज्ञापन
- 10 जून: ग्राम अड़गड़ी में महा बैठक
- प्रस्तावित कार्यक्रम: खून से प्रधानमंत्री को पत्र और ग्राम सभा शिलालेख स्थापना




