
दंतेवाड़ा ,25 /05/26। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में एक ओर जहां सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई के बाद नक्सली गतिविधियों में कमी आई है, वहीं अब क्षेत्र में अवैध लौह अयस्क कारोबार तेजी से पैर पसारता नजर आ रहा है। पहाड़ियों और जंगलों के बीच से रात के अंधेरे में निकाले जा रहे अयस्क ने प्रशासन और वन विभाग की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों ने देर रात पंडेवार गांव के पास चल रहे अवैध खनन और परिवहन का खुलासा करते हुए दो ट्रकों और एक जेसीबी मशीन को पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि वाहन पहाड़ियों से निकाले गए लौह अयस्क को लोड कर बाहर भेजने की तैयारी में थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और वाहनों को जब्त कर कार्रवाई शुरू की।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने पहले भी कई बार अवैध खनन और अयस्क परिवहन की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाई थी, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं होने से कारोबार लगातार बढ़ता गया। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार भी सूचना देने के बाद अधिकारियों को मौके तक पहुंचने में काफी देर लगी।
पहाड़ियों से मजदूरों के जरिए नीचे लाया जाता है अयस्क
ग्रामीणों के मुताबिक, अवैध कारोबार में शामिल लोग पहाड़ियों से मजदूरों की मदद से लौह अयस्क नीचे उतरवाते हैं। इसके बाद जंगल और सुनसान इलाकों में अस्थायी भंडारण किया जाता है। देर रात ट्रकों में भरकर अयस्क को दूसरे इलाकों तक पहुंचाया जाता है ताकि किसी को भनक न लगे।
स्थानीय बोली में इस लौह अयस्क को ‘आलू माल’ कहा जाता है। जानकारी के अनुसार, एक ट्रक में करीब 40 से 50 टन तक अयस्क भरा जाता है। बाजार में इसकी कीमत काफी अधिक होने के कारण अवैध कारोबारियों को एक ट्रक से करीब डेढ़ से दो लाख रुपये तक का मुनाफा होने की चर्चा है।
पहले भी पकड़े गए थे वाहन
ग्रामीणों ने बताया कि करीब दो साल पहले भी इसी तरह अवैध अयस्क परिवहन करते वाहन पकड़े गए थे। उस समय कार्रवाई तो हुई, लेकिन बाद में वाहनों को छोड़ दिए जाने की खबर सामने आई थी। इससे लोगों में प्रशासन की मंशा को लेकर सवाल उठे थे।
अब एक बार फिर अवैध खनिज कारोबार सामने आने के बाद ग्रामीणों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि इस बार भी सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में अवैध खनन का नेटवर्क और मजबूत हो जाएगा।
वन विभाग ने कही कार्रवाई की बात
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। साथ ही पूरे मामले की जांच की जाएगी कि अयस्क कहां से निकाला गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
इधर, दंतेवाड़ा में अवैध खनिज कारोबार को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि नक्सल गतिविधियों के कमजोर पड़ने के बाद अब जंगलों और पहाड़ियों में खनिज माफिया सक्रिय हो गए हैं, जो प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर करोड़ों का खेल चला रहे हैं।




