उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से नववर्ष में छत्तीसगढ़ को सड़कों की ऐतिहासिक सौगात,पीएमजीएसवाय–IV के तहत 2225 करोड़ की 774 ग्रामीण सड़कों को मिली प्रशासकीय स्वीकृति

रायपुर, 02 जनवरी 2026।
नववर्ष 2026 की शुरुआत छत्तीसगढ़ राज्य के लिए ग्रामीण विकास की बड़ी सौगात लेकर आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाय) के चतुर्थ चरण के अंतर्गत राज्य को 2225 करोड़ रुपये की लागत से 774 ग्रामीण सड़कों के निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है।
इस योजना के तहत वर्ष 2025-26 में कुल 2427 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिससे प्रदेश की 781 ग्रामीण बसाहटें बारहमासी सड़क सुविधा से जुड़ेंगी। इससे दूरस्थ और दुर्गम अंचलों के ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी और शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार एवं रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय विस्तार होगा।
पीएमजीएसवाय–IV के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जनगणना 2011 के आधार पर पात्र बसाहटों का प्राथमिकता क्रम में चयन किया गया है। विशेष रूप से धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत आने वाले अनुसूचित जनजाति बहुल गांवों को प्राथमिकता दी गई है। राज्य के सभी जिलों से प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को भेजे गए थे, जिन्हें ग्रामीण विकास मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।
इस चरण में प्रदेश के 24 जिलों में सड़कों का निर्माण होगा। सर्वाधिक 87 सड़कें बस्तर जिले में स्वीकृत की गई हैं। इसके अलावा कोरिया में 84, जशपुर में 77, सूरजपुर में 76, बलरामपुर में 58, कोरबा में 55, कवर्धा में 48, महासमुंद एवं बीजापुर में 44-44, कांकेर में 41, कोण्डागांव में 34, बिलासपुर में 27, सरगुजा में 26, सुकमा में 16, रायगढ़ में 14, दंतेवाड़ा में 12, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 9, गरियाबंद में 7, बालोद एवं मुंगेली में 6-6, राजनांदगांव में 5 तथा बेमेतरा एवं धमतरी में 2-2 सड़कों को स्वीकृति दी गई है।
इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। किसानों को कृषि उपज के परिवहन में सुविधा होगी, विद्यार्थियों की विद्यालयों तक पहुंच आसान बनेगी तथा ग्रामीण जनता को स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का बेहतर लाभ मिलेगा। उल्लेखनीय है कि पीएमजीएसवाय के पूर्व चरणों में अब तक राज्य में 40 हजार किलोमीटर से अधिक लंबाई की 8316 सड़कों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। वहीं बीते दो वर्षों में विशेष पिछड़ी जनजातियों की 138 बसाहटों को जोड़ने हेतु लगभग 600 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चतुर्थ चरण के माध्यम से राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम छोर पर बसे गांवों को मुख्यधारा से जोड़ना है। सड़कों को उन्होंने विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि इनके निर्माण से गांवों में समृद्धि, आत्मनिर्भरता और सामाजिक विकास को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
इस ऐतिहासिक स्वीकृति से स्पष्ट है कि राज्य सरकार ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। पीएमजीएसवाय–IV के अंतर्गत स्वीकृत सड़कों का निर्माण न केवल गांवों की दूरी कम करेगा, बल्कि विकास, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समरसता का मजबूत आधार भी बनेगा। आने वाले समय में ये सड़कें ग्रामीण छत्तीसगढ़ की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाएंगी।




