महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी : 68.54 लाख महिलाओं के खातों में पहुंचे 642.27 करोड़ रुपए, अब तक 18 हजार करोड़ से अधिक राशि का वितरण

रायपुर , 4 जून 2026
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को बिलासपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 68 लाख 54 हजार महिलाओं के बैंक खातों में 642 करोड़ 27 लाख 77 हजार 950 रुपए अंतरित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सम्मान, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और महतारी वंदन योजना इस दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज और राज्य का विकास तब तक पूर्ण नहीं हो सकता, जब तक महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और सामाजिक रूप से सम्मानित नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को भी मजबूत बना रही है।
गौरतलब है कि 1 मार्च 2024 से शुरू हुई महतारी वंदन योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। महिलाएं इस राशि का उपयोग परिवार की जरूरतों, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, पोषण और स्वरोजगार गतिविधियों में कर रही हैं, जिससे परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
अब तक 18,165 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान
जून 2026 में जारी 28वीं किस्त के साथ ही योजना के अंतर्गत प्रदेश की महिलाओं को अब तक 18,165 करोड़ 19 लाख रुपए से अधिक की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से नियद नेल्लानार अभियान के माध्यम से सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर और नारायणपुर जिलों की 7,770 नई महिलाओं को भी योजना से जोड़ा गया है।
महिला सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनी योजना
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान, विश्वास और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुकी है। योजना से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार व समाज में अधिक सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महिलाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है और सरकार उनके सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है।




