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बस्तर दशहरा में शामिल होंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, जनजातीय प्रतिनिधियों से संवाद और लालबाग मैदान में आमसभा को करेंगी संबोधित

जगदलपुर, 23 अक्टूबर 2026

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर दौरे पर रहेंगी। अपने प्रवास के दौरान वे मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना, पारंपरिक मुरिया दरबार में सहभागिता और लालबाग मैदान में आयोजित आमसभा को संबोधित करेंगी। राष्ट्रपति का यह दौरा बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति सुबह 10:30 बजे भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से जगदलपुर पहुंचेंगी। इसके बाद वे मां दंतेश्वरी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगी। मंदिर दर्शन के पश्चात राष्ट्रपति सिरहासार भवन में आयोजित मुरिया दरबार में शामिल होंगी। यहां वे मांझी-चालकियों और जनजातीय समाज के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं, सामाजिक मुद्दों और पारंपरिक व्यवस्थाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगी। कार्यक्रम के दौरान उनके साथ दोपहर के भोजन का आयोजन भी निर्धारित है।

मुरिया दरबार में पहली बार शामिल होंगी राष्ट्रपति

मुरिया दरबार बस्तर दशहरा का एक महत्वपूर्ण पारंपरिक आयोजन है। इसमें जनजातीय समाज के प्रतिनिधि, मांझी और चालकी एकत्रित होकर समाज से जुड़े मुद्दों, समस्याओं और परंपराओं पर चर्चा करते हैं। यह आयोजन बस्तर की प्राचीन सामाजिक व्यवस्था और जनजातीय लोकतांत्रिक परंपराओं का प्रतीक माना जाता है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मुरिया दरबार में सहभागिता को बस्तर की जनजातीय संस्कृति के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। इस दौरान वे स्थानीय प्रतिनिधियों से संवाद कर क्षेत्र की परंपराओं और उनकी समस्याओं से अवगत होंगी।

मुरिया दरबार के बाद राष्ट्रपति लालबाग मैदान में बस्तर दशहरा प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगी और वहां आयोजित आमसभा को संबोधित करेंगी। इसके बाद वे जगदलपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगी और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विशेष विमान से रायपुर होते हुए नई दिल्ली लौटेंगी।

राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

राष्ट्रपति के बस्तर प्रवास को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। जगदलपुर एयरपोर्ट, मां दंतेश्वरी मंदिर और सिरहासार भवन सहित प्रमुख कार्यक्रम स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत निर्धारित क्षेत्रों में ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

जारी आदेश के अनुसार, 23 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक जगदलपुर एयरपोर्ट के 25 किलोमीटर के दायरे में ड्रोन उड़ाने पर रोक रहेगी। वहीं, सिरहासार भवन और मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर के तीन किलोमीटर के दायरे में सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक ड्रोन उड़ाने की अनुमति नहीं होगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राष्ट्रपति के कार्यक्रम के मद्देनजर शहर के प्रमुख मार्गों पर भी निर्धारित समय के दौरान यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे।

क्या है बस्तर दशहरे की खासियत?

बस्तर दशहरा करीब 75 दिनों तक चलने वाला देश का अनूठा सांस्कृतिक पर्व है। देश के अन्य हिस्सों में दशहरे के अवसर पर रावण दहन की परंपरा है, लेकिन बस्तर दशहरे में रावण का दहन नहीं किया जाता। यहां आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना और आदिवासी समाज की प्राचीन परंपराओं के अनुसार विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक रस्में निभाई जाती हैं।

इस पर्व की प्रमुख रस्मों में पाट जात्रा, काछनगादी, जोगी बिठाई, मावली परघाव, भीतर रैनी, बाहर रैनी और मुरिया दरबार शामिल हैं। विशाल लकड़ी के रथ को खींचने की परंपरा भी बस्तर दशहरे का प्रमुख आकर्षण है। इन आयोजनों में स्थानीय जनजातीय समाज की सक्रिय भागीदारी देखने को मिलती है।

बस्तर दशहरा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय संस्कृति, सामाजिक एकजुटता और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक भी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस पर्व में शामिल होना बस्तर की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और जनजातीय परंपराओं को व्यापक स्तर पर सामने लाने का महत्वपूर्ण अवसर है।

राष्ट्रपति के इस दौरे से बस्तर की ऐतिहासिक परंपराओं, स्थानीय समाज की आवाज और क्षेत्र की सांस्कृतिक विशिष्टता को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान मिलने की उम्मीद है।

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