बस्तर दशहरा में लगातार हादसों से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, विजय रथ की चपेट में आने से एक की मौत, दूसरे का पैर कटा

जगदलपुर,22 अक्टूबर 2026
विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा इस बार परंपराओं के साथ-साथ लगातार हो रहे हादसों और विवादों को लेकर चर्चा में है। बीती रात भीतर रैनी की रस्म से पहले आठ चक्कों वाले विजय रथ को खींचने के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। रथ के पहिए की चपेट में आने से बास्तानार के गुड़ियापारा निवासी खोपा कश्यप की मौत हो गई, जबकि इसी गांव के सुखराम मंडावी का पैर कट गया। दोनों विजय रथ खींचने के लिए पहुंचे थे।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और रथ की गतिविधियां रोकनी पड़ीं। वहीं, आईजी बंगले के पास रथ को कुम्हड़ाकोट ले जाने के दौरान एक अन्य व्यक्ति का हाथ दब गया। हादसे में घायल दोनों लोगों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
बस्तर दशहरा की परंपरा में विजय रथ खींचने के लिए हर साल बड़ी संख्या में ग्रामीण जुटते हैं। इस बार भी करीब 200 लोग रथ खींचने पहुंचे थे, लेकिन परंपरा के निर्वहन के दौरान हुआ यह हादसा इस साल का पहला हादसा नहीं है।
इससे पहले 16 अक्टूबर को फूल रथ बिजली के खंभे से टकरा गया था, जिससे खंभा गिरने के कारण करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए थे। इसके बाद 18 अक्टूबर को फूल रथ निर्माणाधीन विजय रथ से टकरा गया, जिससे फूल रथ का अगला पहिया टूट गया। इस घटना के बाद पुलिस और रथ खींचने पहुंचे ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया था। काफी मशक्कत के बाद मामला शांत कराया गया और जेसीबी व क्रेन की मदद से फूल रथ की परिक्रमा पूरी कराई गई।
इसके बाद 21 अक्टूबर को विजय रथ की परिक्रमा होनी थी, लेकिन माता दंतेश्वरी का छत्र रथ पर विराजित होने से पहले ही एक और दर्दनाक हादसा हो गया। रथ के पहिए की चपेट में आने से खोपा कश्यप की जान चली गई और सुखराम मंडावी गंभीर रूप से घायल हो गए।
बस्तर दशहरा अपनी विशिष्ट परंपराओं और जनभागीदारी के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध है। विजय रथ खींचने की रस्म में बड़ी संख्या में ग्रामीण आस्था के साथ शामिल होते हैं। हालांकि, इस बार लगातार हुए हादसों ने सुरक्षा व्यवस्था और इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सवाल यह उठ रहा है कि हजारों लोगों की मौजूदगी और सैकड़ों ग्रामीणों की भागीदारी वाली इस ऐतिहासिक परंपरा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।




