
बकावंड,22 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत मैलबेड़ा में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ नहीं मिलने का मामला सामने आया है। हितग्राही सुनीता नेताम, पति बुधराम नेताम, पिछले कई महीनों से योजना की राशि पाने के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। मामले में विभागीय जवाब पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।
सुनीता नेताम ने योजना का लाभ नहीं मिलने को लेकर समाचार पत्र के माध्यम से अपनी शिकायत सामने रखी थी। इसके बाद एकीकृत बाल विकास परियोजना बकावंड-2 के परियोजना अधिकारी ने पत्र क्रमांक 280, दिनांक 19 अक्टूबर 2026 के जरिए जवाब प्रस्तुत किया। जवाब में बताया गया कि हितग्राही के आधार कार्ड में नाम की विसंगति होने के कारण आवेदन अपलोड नहीं हो सका। अधिकारी के अनुसार, आधार कार्ड में नाम सुनीता भारती, पिता सिरधर भारती दर्ज होने के कारण समस्या आई और दस्तावेजों में सुधार नहीं कराया गया।
हालांकि, मामले में दावा किया गया है कि हितग्राही का आधार कार्ड पहले ही सुनीता नेताम, पति बुधराम नेताम के नाम से सुधर चुका है। आरोप है कि संशोधित आधार कार्ड उपलब्ध होने के बावजूद विभाग की ओर से सही जानकारी का सत्यापन किए बिना जिला कार्यालय को प्रतिवेदन भेज दिया गया। इस मामले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सूचना और परियोजना अधिकारी के जवाब की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार आर्थिक सहायता दी जाती है। आरोप है कि विभागीय लापरवाही के कारण सुनीता नेताम को करीब 6,000 रुपये की सहायता राशि का लाभ नहीं मिल पाया है। इससे उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस मामले पर युवा जिला अध्यक्ष लखेश्वर कश्यप ने कहा कि विभागीय लापरवाही के कारण ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की आवश्यकता जताई।
वहीं, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि गलत जानकारी देने के आरोपों की जांच कर संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और परियोजना अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही, पात्रता और दस्तावेजों का सत्यापन कर पीड़िता को योजना का लाभ जल्द दिलाया जाए। मांग पूरी नहीं होने पर कलेक्टर बस्तर से शिकायत करने की चेतावनी भी दी गई है।




