बस्तर में फला दुनिया का सबसे महंगा आम! क्या ‘मियाज़ाकी’ बदल देगा किसानों की किस्मत?

जगदलपुर , 3 जून 2026
बस्तर अब पारंपरिक खेती की सीमाओं से आगे बढ़कर हाई-वैल्यू फसलों की ओर कदम बढ़ा रहा है। दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिने जाने वाले जापान के मियाज़ाकी आम ने अब बस्तर की धरती पर भी दस्तक दे दी है। लाखों रुपये प्रति किलो तक की कीमत पाने वाला यह आम किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है।
लाल रंग और असाधारण मिठास के लिए प्रसिद्ध मियाज़ाकी आम को जापान में ‘एग ऑफ द सन’ (Egg of the Sun) के नाम से भी जाना जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग और कीमत दोनों ही काफी अधिक हैं। बस्तर में एक किसान ने करीब चार वर्ष पहले इसका पौधा लगाया था, जो अब फलों से लद चुका है।
खास बात यह है कि इस आम की खेती पूरी तरह जैविक तरीके से की गई है। पौधे की देखभाल गोबर खाद, नियमित गुड़ाई और प्राकृतिक तरीकों से की गई। बिना रासायनिक खाद और कीटनाशकों के तैयार हुए इस फल ने यह साबित किया है कि बस्तर की जलवायु इस विदेशी किस्म के लिए अनुकूल हो सकती है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण पौधे और बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाए तो मियाज़ाकी आम की खेती क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है। पारंपरिक फसलों की तुलना में इससे कई गुना अधिक आय प्राप्त होने की संभावना है।
हालांकि चुनौतियां भी कम नहीं हैं। हाल ही में जापान ने गुणवत्ता और क्वारंटाइन संबंधी कारणों का हवाला देते हुए भारत से ताजा आमों के आयात पर रोक लगा दी है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने के लिए गुणवत्ता मानकों और निर्यात प्रक्रियाओं का पालन बेहद जरूरी होगा।
फिलहाल बस्तर में तैयार हो रहा मियाज़ाकी आम केवल एक फल नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और क्षेत्र को वैश्विक फल बाजार में पहचान दिलाने की नई उम्मीद बनकर उभर रहा है। यदि सरकार, कृषि विभाग और किसान मिलकर प्रयास करें तो आने वाले समय में बस्तर प्रीमियम फल उत्पादन का नया केंद्र बन सकता है।




