Jyeshtha Maah 2026: 19 साल बाद बना दुर्लभ संयोग, इस बार पड़ेंगे 8 बड़े मंगल

धर्म | 4 मई 2026
हिंदू पंचांग के अनुसार Jyeshtha Maah की शुरुआत 2 मई 2026 से हो चुकी है। इस बार यह महीना बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि करीब 19 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बना है जब एक नहीं बल्कि पूरे 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं। इससे पहले ऐसा योग साल 2007 में देखने को मिला था।
🌙 क्यों खास है इस बार का ज्येष्ठ मास?
इस वर्ष Adhik Maas (अधिकमास) के कारण महीने की अवधि बढ़ गई है, जिससे मंगलवारों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिकमास भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इस दौरान किए गए जप, तप और दान का फल कई गुना बढ़ जाता है।
—
📅 8 बड़े मंगल की तिथियां
5 मई – पहला बड़ा मंगल
12 मई – दूसरा
19 मई – तीसरा
26 मई – चौथा
2 जून – पांचवां
9 जून – छठा
16 जून – सातवां
23 जून – आठवां
—
🙏 हनुमान पूजा का विशेष महत्व
ज्येष्ठ माह के सभी मंगलवार Hanuman जी को समर्पित होते हैं। मान्यता है कि इसी दिन Rama और हनुमानजी की पहली भेंट हुई थी।
इन दिनों में भक्त:
व्रत रखते हैं
Hanuman Chalisa और सुंदरकांड का पाठ करते हैं
मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं
—
🍛 भंडारे और सेवा का महत्व
बड़े मंगल के अवसर पर जगह-जगह भंडारे आयोजित किए जाते हैं। श्रद्धालु शरबत, फल और भोजन का वितरण करते हैं, जिसे पुण्यदायी कार्य माना जाता है। खासकर Uttar Pradesh में इस दिन विशेष रौनक देखने को मिलती है।
—
📌 मान्यता और फल
धार्मिक मान्यता है कि बड़े मंगल के दिन पूजा और दान करने से:
कर्ज से मुक्ति मिलती है
शत्रु बाधाएं दूर होती हैं
जीवन में सुख-समृद्धि आती है
—
👉 निष्कर्ष:
इस बार का ज्येष्ठ मास श्रद्धालुओं के लिए बेहद खास है। 8 बड़े मंगल का यह दुर्लभ संयोग भक्ति, सेवा और पुण्य कमाने का सुनहरा अवसर लेकर आया है।




