
सुकमा, 4 जुलाई 2026
जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के तत्वावधान में शबरी ऑडिटोरियम में एक दिवसीय ‘तेजस कार्यशाला’ का सफल आयोजन किया गया। भारत सरकार के स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम के तहत आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य जिले में नवाचार, एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी), फूड प्रोसेसिंग और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में महिला स्व-सहायता समूहों, एमएसएमई उद्यमियों, आईटीआई और पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों सहित करीब 350 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
जिला पंचायत सुकमा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुंद ठाकुर ने कहा कि जिले में कृषि, वनोपज, हस्तशिल्प और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने युवाओं से आधुनिक तकनीक और नवाचार अपनाकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को डीपीआईआईटी मान्यता, स्टार्टअप पंजीयन, सफल बिजनेस मॉडल, डिजिटल मार्केटिंग और बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) की विस्तृत जानकारी दी। वहीं, बैंक अधिकारियों और इन्क्यूबेशन सेंटर के विशेषज्ञों ने ऋण, वित्तीय सहायता, निवेश और व्यवसाय विस्तार की प्रक्रियाओं को सरल भाषा में समझाया।
जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के प्रभारी महाप्रबंधक कैलाश कश्यप ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को केवल स्टार्टअप तक सीमित रखना नहीं, बल्कि कृषि, वनोपज, फूड प्रोसेसिंग और हस्तशिल्प आधारित उद्यमों से जोड़ना है, ताकि स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार और युवाओं को अधिक रोजगार के अवसर मिल सकें।
कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों ने इसे उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की अपेक्षा जताई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, उद्योग विशेषज्ञों, बैंक अधिकारियों, चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों, पत्रकारों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति रही।




