गणतंत्र दिवस पर बजरंग दल ने निकाली सद्भावना तिरंगा यात्रा, नगर देशभक्ति के रंग में रंगा

जगदलपुर। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर संपूर्ण नगर में देशभक्ति का उत्साह देखने को मिला। इसी क्रम में विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल जगदलपुर द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी सद्भावना तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया, जिसने पूरे नगर को राष्ट्रप्रेम के रंग में सराबोर कर दिया।
तिरंगा यात्रा का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और आपसी सद्भाव से जोड़ना रहा। यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहां नागरिकों ने उत्साहपूर्वक स्वागत कर राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।
इस अवसर पर बजरंग दल जिलाध्यक्ष शंकर लाल गुप्ता ने कहा कि भारत की शक्ति उसकी एकता में निहित है। हम सभी भारतीय एकजुट रहेंगे तभी राष्ट्र सुरक्षित और सशक्त रहेगा। बस्तर सदैव शांति और भाईचारे की भूमि रहा है, और संगठन इसी भावना को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
वहीं बजरंग दल जिला संयोजक विष्णु ठाकुर ने कहा कि तिरंगा यात्रा का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्रप्रेम से जोड़ना तथा उन्हें सकारात्मक दिशा देना है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार के भ्रम या भटकाव से दूर रहकर देश के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।
सद्भावना तिरंगा यात्रा का शुभारंभ माँ दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण से किया गया। प्रांत सह मंत्री रवि ब्रह्मचारी, जिलाध्यक्ष शंकर लाल गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारियों ने भगवा ध्वज दिखाकर यात्रा को रवाना किया तथा उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
कार्यक्रम का संचालन नगर मंत्री विक्रम सिंह ठाकुर द्वारा किया गया।
इस अवसर पर विभाग संयोजक सिकंदर कश्यप, जिला कोषाध्यक्ष सुरेंद्र तिवारी, जिला उपाध्यक्ष प्रेम चालकी, जागेश्वर साहू, जिला सेवा प्रमुख पवन राजपूत, जिला सामाजिक समरसता प्रमुख होमेश राठौर, जिला सह संयोजक योगेश, नगर अध्यक्ष प्रतीक गुरु, बस्तर प्रखंड अध्यक्ष विवेक शुक्ला, नगर सह संयोजक अजय प्रताप सिंह, नगर सह गौ रक्षा प्रमुख पवन राजा, नगर सुरक्षा प्रमुख अभिषेक साहू सहित बड़ी संख्या में बजरंग दल कार्यकर्ता एवं नागरिक उपस्थित रहे।
सद्भावना तिरंगा यात्रा के माध्यम से बजरंग दल ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता और एकता ही भारत की सबसे बड़ी पहचान है। कार्यक्रम ने नगरवासियों में देशभक्ति की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।




