छत्तीसगढ़बकावंडबस्तर संभाग

बारिश में पीएमजीएसवाई सड़क निर्माण बना मुसीबत, कीचड़ में फिसलकर गिर रहे राहगीर

मैलबेड़ा–चालानगुड़ा मार्ग पर आवागमन बाधित, ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल मरम्मत और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की मांग की।

बकावंड, 01 अगस्त 2026

विकासखंड बकावंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मैलबेड़ा–लबेड़ा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत निर्माणाधीन मैलबेड़ा–चालानगुड़ा सड़क बारिश के मौसम में ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। लगातार बारिश के बीच शुरू किए गए निर्माण कार्य के चलते सड़क पूरी तरह कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गई है, जिससे लोगों का आवागमन जोखिम भरा हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य पिछले महीने 15 तारीख के आसपास भारी बारिश के दौरान शुरू किया गया। इससे पहले मार्ग पर मुरूम होने के कारण लोगों को आने-जाने में विशेष परेशानी नहीं होती थी, लेकिन सड़क की खुदाई के बाद लगातार बारिश होने से पूरी सड़क कीचड़ से भर गई। अब दोपहिया वाहन चालक हर दिन फिसलने के डर के बीच सफर करने को मजबूर हैं, वहीं पैदल राहगीरों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

मैलबेड़ा से चालानगुड़ा को जोड़ने वाला यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से ग्रामीण बाजार, स्कूल, शासकीय कार्यालय और अस्पताल तक पहुंचते हैं। ऐसे में खराब सड़क के कारण मरीजों और स्कूली बच्चों सहित आम लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी गंभीर मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाना पड़े तो सड़क की बदहाल स्थिति के कारण समय पर उपचार मिलना भी मुश्किल हो सकता है।

शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे एक बाइक चालक चैतन बघेल पिता सम्पत बघेल कीचड़ में फिसलकर सड़क पर गिर गया। हालांकि उसे गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन इस घटना ने सड़क की खतरनाक स्थिति को उजागर कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार कार्य नहीं कराया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

इधर, ग्रामीण बंशी कश्यप, महेश नेताम, नरसिंह कश्यप, प्रकाश नेताम, बुधराम नेताम सहित अन्य ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बारिश के मौसम में बिना पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था किए सड़क की खुदाई कर दी गई, जिससे ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती जा रही है और आम लोगों की सुरक्षा की अनदेखी की गई है।

ग्रामीणों द्वारा शिकायत किए जाने पर संबंधित विभाग के अधिकारियों एवं इंजीनियर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सड़क पर मुरूम अथवा गिट्टी डलवाकर आवागमन सुचारु कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि तत्काल सुधार कार्य शुरू कर सड़क को चलने योग्य बनाया जाना चाहिए।

ग्रामीणों ने मांग की है कि बारिश के मौसम को देखते हुए निर्माण एजेंसी को आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने, वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था करने तथा सड़क की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

फिलहाल मैलबेड़ा–चालानगुड़ा मार्ग की बदहाल स्थिति ग्रामीणों के लिए रोजाना मुसीबत बनती जा रही है। अब लोगों की निगाहें प्रशासन और संबंधित विभाग पर टिकी हैं कि आश्वासन कब धरातल पर उतरता है और सड़क कब सुरक्षित होकर आम लोगों के लिए सुगम बनती है।

Related Articles

Back to top button
You Cannot able to copy the content! All Reserved Rights of Bastar Dagar