भारी बारिश के बीच सहायक खंड शिक्षा अधिकारी ने किया स्कूलों का औचक निरीक्षण, शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के दिए निर्देश

बस्तर,29 जुलाई 2026
कलेक्टर बस्तर एवं जिला प्रशासन के निर्देशानुसार शैक्षणिक संस्थानों में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से सहायक खंड शिक्षा अधिकारी सुशील कुमार तिवारी ने भारी बारिश के बीच बस्तर ब्लॉक के विभिन्न विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था, मूलभूत सुविधाओं, विद्यार्थियों की उपस्थिति और मध्यान्ह भोजन का जायजा लिया।
निरीक्षण की शुरुआत प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला चोकर से हुई। यहां अधिकांश कक्षों की छत से पानी रिसने की समस्या सामने आई। हालांकि विद्यालय प्रबंधन द्वारा बच्चों की वैकल्पिक कक्ष में बैठक व्यवस्था की गई थी, जहां विद्यार्थी व्यवस्थित रूप से अध्ययन करते मिले।
इसके बाद प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला घाटक्वाली में निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने शिक्षकों को 25 तक पहाड़ा याद कराने, नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, समय पर पाठ्यक्रम पूरा करने, पंजी संधारण तथा अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का नियमित संचालन करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के अगले चरण में माध्यमिक शाला कुड़कानार पहुंचे, जहां गुरुपूर्णिमा के अवसर पर छात्र-छात्राओं ने अधिकारी का पुष्पगुच्छ एवं ग्रीटिंग देकर स्वागत किया। कक्षा 8 के विद्यार्थियों को 25 तक पहाड़ा कंठस्थ करने के लिए प्रेरित किया गया। वहीं कक्षा 7 की छात्रा सलोनी बघेल ने 30 का पहाड़ा धाराप्रवाह सुनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिस पर अधिकारी ने उन्हें पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया।
अधिकारी ने शाला प्रमुख धीरेंद्र यादव एवं पूरे विद्यालय स्टाफ की कार्यशैली की सराहना की। विद्यालय परिसर में तैयार किचन गार्डन में करेला, लौकी, कुम्हड़ा और भिंडी की खेती को उन्होंने अनुकरणीय पहल बताया। साथ ही विद्यालय का स्वच्छ एवं व्यवस्थित वातावरण भी सराहनीय बताया।
इसके बाद कुड़कानार हाईस्कूल में कक्षा 10 की पढ़ाई का आकलन किया गया। शिक्षकों की बैठक लेकर पाठ्यक्रम की प्रगति, मूल्यांकन कॉपियों और शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा पाई गई कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता का भी निरीक्षण किया गया।
सहायक खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सभी शिक्षक एवं प्राचार्य समय पर उपस्थित मिले, लेकिन विद्यार्थियों की औसत उपस्थिति अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाई गई। उन्होंने विद्यालयों को विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए सतत प्रयास करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।




