हर खेत में सागौन, हर किसान समृद्ध’: केदार कश्यप ने किसानों को दिया हरित निवेश का मंत्र

नवा रायपुर, 23 जून 2026
किसानों की आय बढ़ाने और कृषि वानिकी को नई दिशा देने के उद्देश्य से अरण्य भवन, नवा रायपुर में “सागौन प्रबंधन एवं उन्नत सागौन रोपण” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वन, जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने किसानों से वृक्ष आधारित कृषि मॉडल अपनाने का आह्वान करते हुए सागौन को भविष्य का सुरक्षित और लाभकारी निवेश बताया।
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सागौन केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि किसानों की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार है। जिस प्रकार लोग भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बैंक में फिक्स डिपॉजिट करते हैं, उसी प्रकार सागौन का पौधा लगाना भी दीर्घकालिक और भरोसेमंद निवेश है। उन्होंने कहा कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाले वर्षों में परिवार की समृद्धि, बच्चों की शिक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर सकता है।


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि के साथ-साथ कृषि वानिकी को भी बढ़ावा दे रही है। निजी भूमि पर व्यावसायिक वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न अनुदान योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका किसानों को अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए।
टिश्यू कल्चर तकनीक से बढ़ेगी आय
केदार कश्यप ने कहा कि आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर किसान कम समय में अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। टिश्यू कल्चर तकनीक से तैयार सागौन के पौधे सामान्य पौधों की तुलना में तेजी से विकसित होते हैं और उनकी गुणवत्ता भी बेहतर होती है। ऐसे पौधों से प्राप्त लकड़ी बाजार में अधिक मूल्य प्राप्त करती है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
उन्होंने बताया कि सागौन रोपण के शुरुआती वर्षों में पौधों के बीच उपलब्ध भूमि पर अंतरवर्ती फसलें लेकर अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है। साथ ही वृक्षों की समय-समय पर की जाने वाली थिनिंग से भी किसानों को मध्यावधि आर्थिक लाभ मिलता है।
निजी भूमि पर 100 प्रतिशत तक अनुदान
मंत्री ने बताया कि राज्य शासन द्वारा निजी भूमि पर वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने के लिए आकर्षक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। पांच एकड़ तक वृक्षारोपण करने वाले किसानों को 100 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है, जबकि बड़े वृक्षारोपण प्रकल्पों को भी विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
छत्तीसगढ़ बन सकता है सागौन उत्पादन का बड़ा केंद्र
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि छत्तीसगढ़ की जलवायु और मिट्टी सागौन उत्पादन के लिए बेहद अनुकूल है। राज्य के कई क्षेत्रों में सागौन आधारित कृषि वानिकी की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। वैज्ञानिक पद्धति से सागौन रोपण अपनाने पर यह किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।
कार्यक्रम के अंत में मंत्री केदार कश्यप ने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में वृक्षारोपण अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि “हर खेत में सागौन, हर किसान समृद्ध” का संकल्प छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास और किसानों की आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।




