
जगदलपुर, 22 जून 2026
ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों में सघन क्लोरीनेशन अभियान चलाया जा रहा है। वर्षा ऋतु से पहले शुरू किए गए इस अभियान के तहत स्थापित हैंडपंपों और नल जल योजनाओं का व्यापक स्तर पर क्लोरीनेशन किया जा रहा है, ताकि पेयजल स्रोतों को जीवाणुरहित बनाया जा सके।
अभियान के दौरान मैदानी अमला संबंधित क्षेत्रों के गांवों में स्थापित सभी पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन कर रहा है। इस कार्य में स्थानीय समुदाय की सहभागिता भी सुनिश्चित की गई है। महिला जल वाहिनी की सक्रिय भागीदारी अभियान की विशेषता है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और स्वच्छ पेयजल के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाती है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता कैलाश मंडरिया ने बताया कि 30 जून तक चलने वाले इस अभियान के तहत बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले के 28 हजार 500 से अधिक हैंडपंपों तथा एक हजार से अधिक नल जल योजनाओं के क्लोरीनेशन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। साथ ही जल प्रदाय योजनाओं की टंकियों की नियमित सफाई भी सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि क्लोरीनेशन अभियान के साथ-साथ हैंडपंपों की संधारण स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अप्रैल माह से संचालित विशेष संधारण अभियान के तहत अब तक लगभग तीन हजार हैंडपंपों की मरम्मत की जा चुकी है। इसके अलावा 5 हजार 600 से अधिक राइजर पाइप बदले गए हैं, जिससे पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
विभाग के अनुसार वर्तमान में भी 5 हजार 500 से अधिक राइजर पाइप और अन्य आवश्यक स्पेयर पार्ट्स जिलों को उपलब्ध कराए गए हैं। आवश्यकता के अनुसार हैंडपंपों के सुधार और मरम्मत कार्य लगातार जारी रखे जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।




