छत्तीसगढ़

हजारों हेक्टेयर में नया वन क्षेत्र विकसित, वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में बड़ा कदम

रायपुर, 30 मई 2026

रायपुर। छत्तीसगढ़ में वन संरक्षण, विस्तार और वन संपदा के आर्थिक उपयोग को मजबूत करने के लिए लगातार उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम द्वारा कवर्धा परियोजना मंडल में बड़े पैमाने पर पौधरोपण कर पर्यावरण संतुलन और भविष्य की आर्थिक समृद्धि की मजबूत नींव रखी गई है।

🌱 कवर्धा में बड़ा पौधरोपण अभियान

पिछले पांच वर्षों में कवर्धा परियोजना क्षेत्र के लगभग 1500 हेक्टेयर में करीब 25 लाख सागौन (टिक) के पौधे लगाए गए हैं। इसके लिए उन्नत रूट-बेस्ड तकनीक अपनाई गई, जिससे पौधों की वृद्धि और जीवित रहने की क्षमता में सुधार हुआ है। यह तकनीक पौधों को मौसम और प्राकृतिक चुनौतियों से लड़ने में भी सक्षम बनाती है।

🌿 जैव विविधता के लिए मिश्रित पौधरोपण

राजस्व और संरक्षण भूमि पर बहु-प्रजातीय (मिक्स प्लांटेशन) के तहत हजारों पौधे लगाए गए हैं। इसका उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना ही नहीं, बल्कि जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना भी है।

🌳 तेजी से बढ़ने वाली प्रजातियों का रोपण

कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नीलगिरी सहित तेज़ी से बढ़ने वाली प्रजातियों का रोपण किया गया है। इससे भविष्य में जल्दी वन उत्पाद उपलब्ध होंगे और वन आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

🔒 बिना बाड़ के भी 80% सफलता दर

कवर्धा परियोजना की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि बड़े क्षेत्र में पौधरोपण बिना महंगे फेंसिंग के भी सुरक्षित रहा। लगातार निगरानी और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से पौधों की लगभग 80% जीवित रहने की दर प्राप्त हुई है।

💰 भविष्य में मजबूत वन अर्थव्यवस्था

आने वाले वर्षों में सागौन की उच्च गुणवत्ता वाली लकड़ी से राज्य को बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा। वैज्ञानिक प्रबंधन और नियोजित कटाई प्रणाली से दीर्घकालिक आय के नए स्रोत विकसित होंगे।

🌍 जलवायु संरक्षण में योगदान

यह हरित क्षेत्र भविष्य में कार्बन अवशोषण क्षमता बढ़ाकर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करेगा। साथ ही भूजल संरक्षण, मिट्टी संरक्षण और पर्यावरण संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

👥 रोजगार और ग्रामीण भागीदारी

पौधरोपण से लेकर रखरखाव तक की प्रक्रियाओं में स्थानीय ग्रामीणों को शामिल किया गया है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं और समुदाय की भागीदारी मजबूत हुई है

🌿 सतत विकास का मॉडल

कवर्धा परियोजना अब सतत विकास (Sustainable Development) का उदाहरण बन रही है, जहां वैज्ञानिक वन प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं।

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