
दिखावे की कार्रवाई से नहीं चलेगा काम, दूसरे दिन फिर शुरू हो जाता है अवैध उत्खनन
जगदलपुर, 28 मई 2026
बस्तर जिले में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद रेत माफियाओं के हौसले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। कार्रवाई के अगले ही दिन दोबारा अवैध उत्खनन शुरू हो जाना यह साबित करता है कि जिले में खनिज माफियाओं का नेटवर्क अब भी मजबूत बना हुआ है।
बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा के सख्त निर्देशों के बाद जिला खनिज विभाग ने जिलेभर में विशेष अभियान छेड़ रखा है। इसी कड़ी में 27 मई को जिला खनिज अधिकारी शिखर चेरपा के मार्गदर्शन में खनिज जांच दल ने मांदर, रायकोट और कोड़ेनार क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध खनिज परिवहन में लगे 6 वाहनों को जप्त किया।
जांच के दौरान टीम ने पाया कि वाहन चालक बिना वैध अभिवहन पास (रॉयल्टी पर्ची) के रेत और चूना पत्थर का परिवहन कर रहे थे। कार्रवाई करते हुए विभाग ने सभी वाहनों को जप्त कर पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया और संबंधित वाहन मालिकों तथा चालकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया।
इन क्षेत्रों में हुई कार्रवाई
- मांदर क्षेत्र में रेत का अवैध परिवहन करते हुए 3 वाहन पकड़े गए।
- रायकोट में एक हाईवा को अवैध रूप से चूना पत्थर परिवहन करते हुए जप्त किया गया।
- कोड़ेनार क्षेत्र में रेत से भरे 2 टिप्परों को कब्जे में लिया गया।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमावली 2015 के नियम 71 तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला खनिज अधिकारी शिखर चेरपा ने कहा कि बिना वैध अनुमति के खनिज परिवहन करना गंभीर अपराध है और भविष्य में दोबारा ऐसा करते पाए जाने पर और कठोर कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि जिले में खनिज संपदा की चोरी रोकने और अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
फिर क्यों सिर उठा लेते हैं माफिया?
जिले के बकावंड और करपावंड क्षेत्रों में कार्रवाई के अगले ही दिन दोबारा रेत उत्खनन शुरू हो जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि विभागीय स्तर पर कार्रवाई तो होती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उसका असर नजर नहीं आता।
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ भू-माफिया और खनिज कारोबारियों को कथित संरक्षण मिलने के कारण अवैध खनन का कारोबार लगातार जारी है। यही वजह है कि नदियों से खुलेआम रेत निकासी और परिवहन का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा।
ग्रामीणों का साफ कहना है कि अब सिर्फ वाहन जप्त करने या जुर्माना लगाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि खनिज माफियाओं के नेटवर्क पर निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है, ताकि जिले की नदियों और प्राकृतिक संसाधनों को बचाया जा सके।




