
बस्तर/नई दिल्ली, 18 मार्च 2026: बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की और बस्तर संभाग के माओवादी प्रभावित एवं दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत पोटाकेबिन विद्यालयों के अनुदेशक एवं भृत्य कर्मचारियों के लिए लंबित मांगों का ज्ञापन सौंपा।
सांसद कश्यप ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि बस्तर में लगभग 60 पोटाकेबिन विद्यालयों में पिछले 15-16 वर्षों से 833 कर्मचारी शिक्षा की मशाल थामे हुए हैं। कई अनुदेशक नक्सली हिंसा का शिकार होकर वीरगति को प्राप्त हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन समर्पित कर्मियों के सुरक्षित पुनर्वास और भविष्य की सुरक्षा सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना का विषय है।
सांसद ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि सरकार द्वारा माओवादी आत्मसमर्पितों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की तर्ज पर, इन शिक्षा कर्मियों के लिए भी ‘सुरक्षित पुनर्वास एवं स्थायी समायोजन’ की नीति बनाई जाए। उन्होंने वर्तमान कर्मचारियों और उनके परिवारों की आजीविका की रक्षा हेतु शिक्षा विभाग में स्थायी संविलियन की मांग रखी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बस्तर के इन कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार करेगी और राज्य शासन के समन्वय से नियमितीकरण तथा भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। सांसद कश्यप ने केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया और भरोसा जताया कि जल्द ही पोटाकेबिन कर्मियों को न्याय मिलेगा।




