छत्तीसगढ़बकावंडबस्तर

पाथरी बना आस्था का केंद्र, 5 कुंडीय महायज्ञ में 14 जोड़ों का विवाह

,,नव चेतना गायत्री महायज्ञ में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु, दहेज मुक्त विवाह से दिया सामाजिक संदेश,

बस्तर/बकावंड,। विकासखंड बकावंड के अंतिम छोर स्थित ग्राम पाथरी में गायत्री परिवार के तत्वावधान में आयोजित नव चेतना गायत्री महायज्ञ का भव्य समापन पांच कुंडीय यज्ञ के साथ संपन्न हुआ। इस धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन में क्षेत्र सहित दूर-दराज़ के गांवों से भी बड़ी संख्या में गायत्री साधक और ग्रामीण शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम में भक्ति, श्रद्धा और सामाजिक जागरूकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।

महायज्ञ के दौरान विभिन्न संस्कार निःशुल्क रूप से संपन्न कराए गए। इसी क्रम में 14 जोड़ों का आदर्श विवाह भी पूरी तरह निःशुल्क कराया गया। गायत्री परिवार द्वारा वर्षों से दहेज प्रथा और खर्चीली शादियों के खिलाफ जनजागरण करते हुए सादगीपूर्ण और दहेज मुक्त विवाह को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से गरीब परिवारों की बेटियों का सम्मानपूर्वक विवाह कर समाज को सकारात्मक संदेश दिया जा रहा है।

कार्यक्रम का संचालन दंतेवाड़ा गायत्री शक्तिपीठ से पहुंचे गुरुबंधु सिंह गौरव वट्टी एवं रमेश वट्टी की टोली द्वारा किया गया। आयोजन को सफल बनाने में ग्राम पंचायत पाथरी के पूर्व सरपंच मंगलूराम, ग्राम पंचायत पखनाकोंगरा के सरपंच जदूराम कश्यप, धरमूराम, पूनाराम पटेल, कार्तिक पटेल सहित पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा।

कार्यक्रम के दौरान गायत्री शक्तिपीठ जगदलपुर ट्रस्ट मंडल की उपस्थिति और मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ, जिसके चलते पूरा आयोजन सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस आयोजन ने क्षेत्र में सामाजिक समरसता, संस्कार और दहेज मुक्त विवाह जैसे सकारात्मक मूल्यों को बढ़ावा देने का संदेश दिया।

इस तरह ग्राम पाथरी में आयोजित पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ और आदर्श सामूहिक विवाह समारोह श्रद्धा, सेवा और सामाजिक जागरूकता का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर क्षेत्र में नई चेतना का संदेश दे गया।

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