
जगदलपुर, 12 मार्च 2026। राष्ट्रीय आविष्कार अभियान 2025-26 के अंतर्गत बस्तर जिले के सात विकासखंडों से चयनित 10 मेधावी विद्यार्थियों का दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण उत्साह और नई सीख के साथ संपन्न हुआ। इस शैक्षणिक यात्रा के माध्यम से बच्चों को विज्ञान, पर्यावरण, इतिहास और आधुनिक विकास की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
भ्रमण की शुरुआत रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ विज्ञान केंद्र से हुई, जहां विद्यार्थियों ने विज्ञान के जटिल सिद्धांतों को सरल मॉडल और प्रयोगों के माध्यम से समझा। इस दौरान विज्ञान केंद्र के सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर एवं नोडल ऑफिसर डॉ. अमित राम से विद्यार्थियों ने संवाद भी किया। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि बस्तर के विद्यार्थियों में प्रतिभा की कमी नहीं है और यदि वे लक्ष्य तय कर मेहनत और जिज्ञासा के साथ आगे बढ़ें तो विज्ञान के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं।
इसके बाद विद्यार्थियों ने जंगल सफारी रायपुर का भ्रमण किया, जहां उन्होंने वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता के महत्व को करीब से समझा। यात्रा के दौरान नया रायपुर स्थित जनजातीय संग्रहालय और पुरखौती मुक्तांगन भी दिखाया गया, जहां बच्चों ने आदिवासी संस्कृति, परंपरा, लोककला और ग्रामीण जीवन की झलक देखी।
विद्यार्थियों को आधुनिक छत्तीसगढ़ की पहचान समझाने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और नया रायपुर की औद्योगिक बसाहट का भी अवलोकन कराया गया। वहीं रायपुर शहर के प्रमुख स्थलों घड़ी चौक, जय स्तंभ चौक, पचपेड़ी नाका, तेलीबांधा क्षेत्र और डीकेएस अस्पताल का भी भ्रमण कराया गया, जिससे बच्चों को शहर के ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व की जानकारी मिली।
यह शैक्षणिक भ्रमण जिला कलेक्टर आकाश छिकारा और जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन के निर्देशन में आयोजित किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल तथा जिला मिशन समन्वयक अशोक पांडे के मार्गदर्शन में आयोजित इस यात्रा में शिक्षक मनीष कुमार अहीर और राहुल बघेल ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
इस शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को किताबों से बाहर निकलकर वास्तविक जीवन के अनुभवों से सीखने का अवसर मिला, जिससे उनकी जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच को नई दिशा मिली।




