
,,तेलीगुड़ा पारा और पूर्व सरपंच पारा के समीप बदहाल रास्तों से आवागमन मुश्किल, शनिवार के साप्ताहिक बाजार में भी लोगों को उठानी पड़ रही परेशानी,,
बकावंड 30 अगस्त 2026
बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत छोटेदेवड़ा 01 में इन दिनों बारिश के चलते पारा-मोहल्लों की सड़कें कीचड़ से सराबोर हो गई हैं। ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर तेलीगुड़ा पारा जाने वाली सड़क की स्थिति जर्जर होने के साथ-साथ जगह-जगह कीचड़ से खराब हो गई है, जिससे पैदल चलने वाले ग्रामीणों सहित दोपहिया वाहन चालकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के दौरान रास्ते की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। बताया जा रहा है कि तत्काल राहत के तौर पर सड़क पर मिट्टी या मुरुम डालकर रास्ते को चलने योग्य बनाने की जरूरत थी, लेकिन अब तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदारों द्वारा समय रहते ध्यान दिया जाता तो लोगों को इस परेशानी से काफी हद तक राहत मिल सकती थी।
वहीं पूर्व सरपंच पारा के समीप भी बारिश के कारण सड़क पर कीचड़ जमा हो गया है। यहां से गुजरने वाले लोगों को काफी सावधानी से आवागमन करना पड़ रहा है। खराब रास्ते के कारण बुजुर्गों, बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी होने की बात सामने आ रही है।
साप्ताहिक बाजार में बढ़ जाती है परेशानी
छोटेदेवड़ा में प्रत्येक शनिवार को साप्ताहिक बाजार लगता है, जहां आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। ऐसे में बाजार के आसपास और आने-जाने वाले रास्तों पर कीचड़ की समस्या लोगों के लिए और अधिक परेशानी का कारण बन रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार लोगों को खराब रास्ते से बचने के लिए घूमकर बाजार तक पहुंचना पड़ता है।
ग्रामीण क्षेत्र में साफ-सफाई की स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जगह-जगह कीचड़ और जलभराव के कारण आने वाले दिनों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते साफ-सफाई और जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो बारिश के मौसम में गंदगी के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
राजनीतिक खींचतान के बीच विकास कार्य प्रभावित होने की चर्चा
छोटेदेवड़ा क्षेत्र को बकावंड ब्लॉक की महत्वपूर्ण पंचायतों में माना जाता है और यहां स्थानीय स्तर पर पक्ष-विपक्ष की राजनीतिक सक्रियता भी देखने को मिलती रहती है। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी है कि स्थानीय राजनीतिक मतभेदों के कारण कहीं विकास कार्यों की गति प्रभावित तो नहीं हो रही है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
ग्रामीणों की मांग है कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर जनहित में सड़क की समस्या का तत्काल समाधान किया जाए। बारिश के दौरान सड़क पर मिट्टी या मुरुम डालकर आवागमन सुचारु करने के साथ-साथ भविष्य के लिए स्थायी सड़क एवं जल निकासी की व्यवस्था की जाए।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से समाधान की उम्मीद
स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों का ध्यान छोटेदेवड़ा के पारा-मोहल्लों की इस समस्या की ओर आकर्षित कराते हुए जल्द मौके का निरीक्षण कराने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते रास्ते की मरम्मत और साफ-सफाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है।
छोटेदेवड़ा की यह समस्या किसी राजनीतिक मुद्दे से अधिक ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ी हुई है। बारिश के मौसम में कीचड़ और जर्जर रास्तों के कारण किसी बड़ी दुर्घटना या जनस्वास्थ्य संबंधी समस्या की स्थिति निर्मित न हो, इसके लिए जरूरी है कि जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि समय रहते मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करें। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस मांग पर जिम्मेदारों की ओर से कब तक ठोस पहल की जाती है।




