बस्तर न्यूज़ update:बस्तर में विकास से लेकर संगठन तक हलचल, दलपत सागर की सफाई पर 50 लाख से लेकर 6 नए धान खरीदी केंद्र तक

जगदलपुर,2 सितंबर 2026
बस्तर संभाग में बुधवार को विकास, प्रशासन, शिक्षा, कृषि, राजनीति और धार्मिक गतिविधियों से जुड़ी कई अहम खबरें सामने आईं। दलपत सागर की सफाई के लिए 50 लाख रुपये, सुकमा में 6 नए धान खरीदी केंद्र, नारायणपुर के छात्रावासों में सुविधाओं की निगरानी और बस्तर में केंद्रीय विश्वविद्यालय की मांग प्रमुख मुद्दों में रही।
दलपत सागर की सफाई पर 50 लाख खर्च
ऐतिहासिक दलपत सागर से जलकुंभी हटाने के लिए एक बार फिर बड़ा सफाई अभियान शुरू होने जा रहा है। नगर निगम और एनएमडीसी के बीच हुए समझौते के तहत इस अभियान पर कुल 50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। राशि सीएसआर मद से उपलब्ध कराई जाएगी। पहले चरण के लिए 20 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं।
मशीनों और अन्य संसाधनों से जलकुंभी हटाई जाएगी। हालांकि, शहरवासियों का कहना है कि केवल सफाई के बजाय जलकुंभी दोबारा फैलने के कारणों का स्थायी समाधान भी जरूरी है।
महिला बंदियों की सुविधाओं का निरीक्षण
केंद्रीय जेल जगदलपुर में राज्य महिला आयोग की सदस्य दीपिका शोरी ने महिला बंदियों की सुविधाओं और समस्याओं का जायजा लिया। जेल में निरुद्ध 138 महिला बंदियों से भोजन, स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर जानकारी ली गई। इनमें 88 महिला बंदी नक्सल प्रकरणों से संबंधित बताई गई हैं।
महिला बंदियों ने रोजमर्रा की आवश्यक सामग्री के साथ सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण और ब्यूटी प्रशिक्षण जैसे कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने की मांग की। आयोग सदस्य ने जेल प्रशासन से व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर चर्चा की।
सुकमा में खुलेंगे 6 नए धान खरीदी केंद्र
सुकमा जिले के किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। जिले में बुड़दी, बड़ेशेट्टी, हमीरगढ़, गोरली, भेज्जी और चिंतलनार में छह नए धान खरीदी केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं।
इन केंद्रों के शुरू होने से आसपास के गांवों के किसानों को धान बेचने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इससे परिवहन का समय और खर्च कम होने की उम्मीद है। किसानों की इस मांग को विधायक कवासी लखमा ने खाद्य मंत्री के सामने रखा था।
छात्रावासों में सुविधाओं की होगी सीधी निगरानी
नारायणपुर में आवासीय विद्यालयों, पोटाकेबिन और छात्रावासों की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर अमित कुमार ने अधिकारियों को सुधार के लिए समय-सीमा तय की है। पोटाकेबिन और आरएमएसए के लिए 15 दिन तथा आश्रम-छात्रावासों के लिए 20 दिन का समय दिया गया है।
भोजन, पानी और साफ-सफाई की निगरानी अधीक्षकों और प्रभारियों को व्यक्तिगत रूप से करनी होगी। हर छात्र का हेल्थ कार्ड तैयार किया जाएगा। नए बेडशीट, एयरटाइट कंटेनर, मॉस्किटो नेट, हैंडवॉश एरिया, साफ शौचालय और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। डिजिटल शिक्षा के लिए जरूरत वाले केंद्रों में कम से कम पांच नए कंप्यूटर लगाने की तैयारी है।
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए सुविधाओं पर जोर
नारायणपुर में छात्रों के लिए संचालित कोचिंग, लाइब्रेरी और जिम का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने छात्रों और शिक्षकों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नई और उपयोगी किताबें उपलब्ध कराने तथा लाइब्रेरी में बेहतर माहौल बनाने पर जोर दिया गया।
बूथ स्तर पर कांग्रेस को मजबूत करने की तैयारी
बस्तर संभाग में कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का समापन हो गया। शिविर में राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक मुद्दों के साथ संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि अब संगठन की गतिविधियों को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाएगा। ब्लॉक अध्यक्षों को गांव-गांव पहुंचकर कार्यकर्ताओं और आम लोगों से संवाद की जिम्मेदारी दी गई है। कांग्रेस ने 4 सितंबर को चीनी सत्याग्रह का भी ऐलान किया है।
बस्तर में केंद्रीय विश्वविद्यालय की मांग फिर उठी
बस्तर में केंद्रीय विश्वविद्यालय की मांग एक बार फिर चर्चा में है। क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। केंद्रीय विश्वविद्यालय बनने से स्थानीय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसर मिलने के साथ जनजातीय संस्कृति, लोकभाषा, जैव विविधता और पारंपरिक ज्ञान पर शोध को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग भी समय-समय पर उठती रही है। हालांकि इस दिशा में आगे की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
जन्माष्टमी पर दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग
इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाएगी। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जन्माष्टमी की मध्यरात्रि में अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और वृष राशि में चंद्रमा की स्थिति के साथ हर्षण योग का संयोग बताया जा रहा है।
रोहिणी नक्षत्र के साथ शुक्रवार होने के कारण इसे विशेष संयोग माना जा रहा है। इस बार गृहस्थ और संन्यासी दोनों के एक ही दिन जन्माष्टमी व्रत और पूजन करने की बात कही जा रही है।




