VSK ऐप पर फूटा शिक्षकों का गुस्सा: फेडरेशन ने संयुक्त संचालक से कहा—‘तकनीकी खामियों का तुरंत निकालें समाधान’

जगदलपुर, 26 जून 2026। छत्तीसगढ़ समग्र शिक्षक फेडरेशन ने बस्तर संभाग के शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं के समाधान को लेकर संयुक्त संचालक (शिक्षा) एच.आर. सोम से सौजन्य भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षकों से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाते हुए उनके त्वरित निराकरण की मांग की।
फेडरेशन ने मर्ज की गई शालाओं के लिए लंबित शाला अनुदान राशि जल्द जारी करने या विद्यालय संचालन के लिए वैकल्पिक वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग रखी। प्रतिनिधियों ने बताया कि अनुदान नहीं मिलने से कई प्राथमिक विद्यालयों के प्रधान पाठक और शिक्षक अपनी जेब से विद्यालय का खर्च उठाने को मजबूर हैं, जिससे शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
बैठक में 1 अप्रैल 2025 की स्थिति में सहायक शिक्षकों की संभाग स्तरीय अंतिम वरिष्ठता सूची जल्द प्रकाशित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। फेडरेशन का कहना है कि वरिष्ठता सूची जारी होने से लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी आएगी और पात्र शिक्षकों को उनका अधिकार मिल सकेगा।
फेडरेशन ने VSK ऐप में आ रही तकनीकी दिक्कतों और बस्तर के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में कमजोर नेटवर्क की समस्या भी संयुक्त संचालक के समक्ष रखी। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि इन तकनीकी समस्याओं के समाधान तक शिक्षकों के वेतन आहरण और अन्य प्रशासनिक कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए।
इसके अलावा बस्तर संभाग में विषयवार रिक्त शिक्षक पदों की जानकारी सार्वजनिक करने की भी मांग की गई। फेडरेशन का कहना है कि इससे पदस्थापना और पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी तथा शिक्षकों के बीच भ्रम की स्थिति समाप्त होगी।
संयुक्त संचालक (शिक्षा) एच.आर. सोम ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पदोन्नति से संबंधित रिक्त पदों की जानकारी सार्वजनिक करने और लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण का भरोसा भी दिलाया।
इस अवसर पर फेडरेशन की ओर से जिला अध्यक्ष देवराज खूंटे, जिला सचिव गणेश्वर नायक, जिला कोषाध्यक्ष एस.एस. जॉन सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने सकारात्मक आश्वासन के लिए संयुक्त संचालक का आभार व्यक्त किया।
फेडरेशन की इस पहल से बस्तर संभाग के शिक्षकों में लंबित समस्याओं के समाधान और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है।




