बस्तर के 93 शासकीय स्कूलों को 100% बोर्ड परीक्षा परिणाम पर सम्मान, जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल ने की सराहना

जगदलपुर,31 अक्टूबर 2026
बस्तर जिले में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले 93 शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों को शत-प्रतिशत बोर्ड परीक्षा परिणाम के लिए सम्मानित किया गया। कार्यालय कलेक्टर, जिला प्रशासन बस्तर एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा 2026 में 100 प्रतिशत परिणाम प्राप्त करने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों के सम्मान में समारोह आयोजित किया गया।
कलेक्टर बस्तर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन एवं जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं ए.आर. नोनहरे, श्रीमती स्नेहलता दीवान एवं श्री एम. काछी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
प्राचार्य का कुशल नेतृत्व ही विद्यालय की सफलता का आधार : बलिराम बघेल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल ने कहा कि बस्तर जिले का बोर्ड परीक्षा परिणाम सभी प्राचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। जिले ने राज्य स्तर पर छठवां स्थान प्राप्त कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जो पूरे शिक्षा परिवार के लिए गौरव का विषय है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन, परीक्षा परिणाम और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में प्राचार्य की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। प्राचार्य केवल विद्यालय का प्रशासनिक प्रमुख नहीं होता, बल्कि शिक्षक दल का नेतृत्वकर्ता, विद्यार्थियों का मार्गदर्शक और अभिभावकों तथा समुदाय के बीच महत्वपूर्ण कड़ी भी होता है।
उन्होंने नियमित मॉनिटरिंग, शिक्षकों के साथ समन्वय, कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान और समयबद्ध पाठ्यक्रम पूरा कराने को बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए जरूरी बताया।
शैक्षणिक और सहशैक्षणिक गतिविधियों में बस्तर की उपलब्धियों की सराहना
जिला शिक्षा अधिकारी ने एनएमएमएस, राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस, विज्ञान मॉडल और इंस्पायर अवार्ड सहित विभिन्न शैक्षणिक एवं विज्ञान आधारित प्रतियोगिताओं में बस्तर के विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना की।
इसके साथ ही स्काउट-गाइड, जूनियर रेडक्रॉस, इको क्लब और सांस्कृतिक गतिविधियों में जिले की बढ़ती सहभागिता पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता, सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरण संरक्षण और मानवीय मूल्यों का विकास करना भी है।
आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए तैयार की जाएगी विशेष कार्ययोजना
कार्यक्रम में आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग का लक्ष्य जिले के परीक्षा परिणाम को और बेहतर बनाना तथा प्रत्येक विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करना है।
इसके लिए विद्यालय स्तर पर ठोस कार्ययोजना तैयार करने, विषयवार परीक्षा परिणामों का विश्लेषण करने और कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उपचारात्मक शिक्षण संचालित करने पर जोर दिया गया। वहीं मेधावी विद्यार्थियों के लिए विशेष मार्गदर्शन और अतिरिक्त कक्षाओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा नियमित टेस्ट, प्री-बोर्ड परीक्षा, उत्तर लेखन अभ्यास, पाठ्यक्रम की समयबद्ध पूर्णता, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और पालकों से लगातार संपर्क बनाए रखने की आवश्यकता बताई गई।
प्राचार्यों से शिक्षकों के साथ नियमित समीक्षा बैठक करने और प्रत्येक विद्यार्थी की प्रगति पर व्यक्तिगत ध्यान देने को कहा गया। जिला स्तर पर भी विद्यालयों के परीक्षा परिणाम और शैक्षणिक गतिविधियों की नियमित समीक्षा की जाएगी।
सेवानिवृत्ति के अंतिम दिन भी शिक्षा के लिए दिया प्रेरणादायी संदेश
समारोह का विशेष संयोग यह रहा कि जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल का यह सेवाकाल का अंतिम दिवस भी था। इस अवसर पर उन्होंने अपने लंबे सेवाकाल के अनुभव साझा करते हुए प्राचार्यों और शिक्षकों को प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम, ईमानदारी और समर्पण ही शिक्षा के क्षेत्र में स्थायी उपलब्धियां दिलाते हैं। सभी शिक्षक और प्राचार्य बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को अपना लक्ष्य बनाकर कार्य करें। प्रत्येक विद्यार्थी को उसकी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर देना हम सभी की जिम्मेदारी है।
समारोह में सम्मानित किए गए 93 शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों की उपलब्धि को विद्यालयों में बेहतर नेतृत्व, शिक्षकों की मेहनत, विद्यार्थियों के अनुशासन और अभिभावकों के सहयोग का प्रतीक बताया गया।
कार्यक्रम ने बस्तर जिले के शैक्षणिक वातावरण को और बेहतर बनाने तथा आगामी बोर्ड परीक्षाओं में नई उपलब्धियां हासिल करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों, प्राचार्यों और शिक्षकों को नई प्रेरणा प्रदान की।




