बस्तर में बाहरी हार्वेस्टरों की एंट्री पर रोक की मांग: स्थानीय संचालकों ने सांसद महेश कश्यप को सौंपा ज्ञापन, कहा- हमारा रोजगार छिन रहा

जगदलपुर, 31 अक्टूबर 2026। धान कटाई का सीजन शुरू होने से पहले बस्तर संभाग में बाहरी जिलों और राज्यों से आने वाले हार्वेस्टरों के संचालन पर रोक लगाने की मांग उठने लगी है। इस संबंध में हार्वेस्टर यूनियन संघ जिला बस्तर, जगदलपुर ने सांसद महेश कश्यप को ज्ञापन सौंपकर स्थानीय हार्वेस्टर संचालकों को प्राथमिकता देने की मांग की है।
संघ ने अपने ज्ञापन में मांग की है कि बस्तर संभाग के बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, कोंडागांव और नारायणपुर जिलों के हार्वेस्टरों को ही धान कटाई का कार्य करने की अनुमति दी जाए। वहीं छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों और दूसरे राज्यों से आने वाले हार्वेस्टरों के संचालन पर नियमानुसार रोक लगाई जाए।
संघ के सदस्यों का कहना है कि धान कटाई के मौसम में दूसरे जिलों और राज्यों से बड़ी संख्या में हार्वेस्टर बस्तर पहुंचते हैं। इससे स्थानीय हार्वेस्टर संचालकों को पर्याप्त काम नहीं मिल पाता और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। स्थानीय संचालकों ने हार्वेस्टर खरीदने के लिए बड़ी पूंजी लगाई है। कई संचालक बैंक ऋण लेकर मशीनें खरीद चुके हैं और उनकी किस्तों सहित अन्य आर्थिक जिम्मेदारियां भी हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्थानीय हार्वेस्टर संचालक जब दूसरे राज्यों में धान कटाई का काम करने जाते हैं, तो उनके साथ मारपीट कर उन्हें वहां से भगा दिया जाता है। ऐसे में संघ का कहना है कि बस्तर में भी स्थानीय संचालकों के रोजगार और आजीविका को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
संघ ने सांसद से मांग की है कि मामले में हस्तक्षेप कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं, ताकि स्थानीय हार्वेस्टर संचालकों को पर्याप्त रोजगार मिल सके और उनकी आर्थिक स्थिति सुरक्षित रहे। ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक, बस्तर को भी सौंपी गई है।
ज्ञापन सौंपने वालों में संघ अध्यक्ष हेमकांत सिंह ठाकुर, उपाध्यक्ष टाइगर कश्यप, सलाहकार ईश्वर पानीग्राही एवं परमेश्वर पानीग्राही, कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश पानीग्राही, सचिव रोशन सेठिया सहित अन्य सदस्य शामिल हैं।




