
उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय की छात्राओं के लिए हॉस्टल में पानी नहीं
हॉस्टल अधीक्षिका छात्राओं को देती हैं बाहर निकालने की धमकी =
जगदलपुर , 25/05/26। महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय से जुड़ी छात्राओं की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। केडी कॉलेज ऑफ हार्टीकल्चर एंड रिसर्च स्टेशन धरमपुरा के बालिका छात्रावास में रहने वाली छात्राएं पिछले करीब चार माह से भीषण पेयजल संकट झेल रही हैं। हालत यह है कि छात्राओं को नहाने, शौचालय उपयोग करने और पीने के पानी तक के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
छात्राओं ने अपनी समस्या को लेकर प्रशासन और जिला प्रशासन तक गुहार लगाई थी। मीडिया के माध्यम से मामला सामने आने के बाद उम्मीद थी कि व्यवस्था सुधरेगी, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। उल्टा, खबर प्रकाशित होने के बाद छात्रावास की अधीक्षिका पर छात्राओं को धमकाने के आरोप लग रहे हैं।


छात्राओं का कहना है कि हॉस्टल की कोई भी बात बाहर जाने पर उन्हें हॉस्टल से निकाल देने की धमकी दी जा रही है। इससे छात्राओं में डर और नाराजगी का माहौल है।
बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालय में प्रदेश और बस्तर संभाग के अलग-अलग जिलों से चयनित करीब 150 छात्राएं छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। लेकिन पानी की किल्लत के कारण उनका दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
टॉयलेट टंकी का पानी पीने को मजबूर छात्राएं
पेयजल संकट की भयावह स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई छात्राएं मजबूरी में टॉयलेट की टंकी का पानी पीने लगी थीं। दूषित पानी के सेवन से कई छात्राओं की तबीयत भी बिगड़ गई।
छात्राओं ने बताया कि गर्मी के मौसम में हालात और भी खराब हो गए हैं। पर्याप्त पानी नहीं मिलने से छात्राएं मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान हैं। कई पालकों को अपनी बेटियों के लिए खुद से पीने के पानी और पंखों की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
टैंकर से भी नहीं पूरी हो पा रही जरूरत
हॉस्टल की प्रभारी अधीक्षिका डॉ. यीशु साहू ने स्वीकार किया कि पानी की समस्या गंभीर है। उन्होंने बताया कि टैंकर के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सैकड़ों छात्राओं की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है।
उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से नया बोर करवाने का प्रयास भी किया गया था, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। अब विश्वविद्यालय प्रशासन नई व्यवस्था करने में जुटा हुआ है ताकि जल्द से जल्द छात्रावास में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
बेटियों की उम्मीद प्रशासन पर टिकी
भीषण गर्मी के बीच पानी जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित छात्राएं अब जिला प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन से स्थायी समाधान की मांग कर रही हैं। छात्राओं और पालकों का कहना है कि पढ़ाई के लिए घर से दूर आई बेटियों को कम से कम सुरक्षित और बुनियादी सुविधाएं तो मिलनी ही चाहिए।




