खैरगुड़ा आंगनबाड़ी भवन बना खतरा: जर्जर इमारत में बच्चों की एंट्री बंद, बाउंड्री वॉल और पानी की भी नहीं व्यवस्था

बस्तर, 11 जुलाई 2026
ग्राम पंचायत कुंडगुड़ा के खैरगुड़ा आंगनबाड़ी केंद्र की बदहाल स्थिति बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जबकि परिसर में बाउंड्री वॉल, शौचालय में पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इससे केंद्र का नियमित संचालन भी प्रभावित हो रहा है।
जानकारी के अनुसार आंगनबाड़ी भवन की दीवारों में दरारें आ चुकी हैं और भवन असुरक्षित हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी सावित्री बघेल ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस भवन में बच्चों को बैठाने पर रोक लगा दी है। साथ ही केंद्र को किराए के भवन में संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने नए भवन के लिए उच्च स्तर पर जानकारी भी भेज दी है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि बाउंड्री वॉल नहीं होने के कारण रात में असामाजिक तत्व परिसर में प्रवेश कर शौचालय को गंदा कर देते हैं। सुबह केंद्र खुलने से पहले कार्यकर्ताओं को सफाई करनी पड़ती है। शौचालय में न ताला है और न ही पानी की सुविधा, जिससे 3 से 6 वर्ष के बच्चों और स्टाफ को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। पीने के पानी की व्यवस्था भी केवल बोरिंग और बाल्टी के सहारे है।
हाल ही में बस्तर सांसद महेश कश्यप के खैरगुड़ा दौरे के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उन्हें केंद्र की जर्जर स्थिति से अवगत कराया और नए भवन की स्वीकृति की मांग की।
मधोता सेक्टर पर्यवेक्षक भारती बघेल ने बताया कि केंद्र की स्थिति की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है तथा नए भवन का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया जा चुका है। सुशासन तिहार के दौरान भी इस संबंध में आवेदन दिया गया था।
वहीं ग्राम पंचायत कुंडगुड़ा के सरपंच ईस्पर मंडावी ने कहा कि भवन की स्थिति की जानकारी प्रशासन को दे दी गई है। उन्होंने बताया कि गांव में नल-जल योजना शुरू होने के बाद आंगनबाड़ी के शौचालय में पानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए खैरगुड़ा आंगनबाड़ी केंद्र के लिए जल्द नए भवन, बाउंड्री वॉल और शौचालय में नियमित पानी की व्यवस्था की जाए।
आईसीडीएस (ICDS) के नियमों के अनुसार प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में सुरक्षित भवन, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य हैं। ऐसे में आदिवासी क्षेत्र बस्तर के इस केंद्र की बदहाल स्थिति विभागीय व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही है।




