
नई दिल्ली, 3 जुलाई 2026
भारत और जापान ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में नई रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत की है। नई दिल्ली में आयोजित 16वीं द्विपक्षीय शिखर बैठक के दौरान दोनों देशों ने बड़े लैंग्वेज मॉडल (LLM), कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विकास पर मिलकर काम करने पर सहमति जताई।
इस साझेदारी का उद्देश्य केवल उन्नत AI तकनीक का संयुक्त विकास करना ही नहीं, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और ग्लोबल साउथ में सुरक्षित, ऊर्जा-कुशल और व्यापक उपयोग वाली तकनीकों को बढ़ावा देना भी है।
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने तकनीकी सहयोग के व्यापक ढांचे पर सहमति व्यक्त की। दोनों देशों ने तय किया कि सहयोग केवल AI तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि GPU तकनीक, डेटा सेंटर, कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर निर्माण और मल्टीलिंगुअल एवं ओपन-सोर्स फाउंडेशन मॉडल के विकास तक विस्तारित होगा।
बैठक में AI सुरक्षा (AI Safety), साइबर सुरक्षा और ऊर्जा-कुशल कंप्यूटिंग जैसे विषयों पर भी विशेष जोर दिया गया। दोनों देशों ने माना कि AI के तेजी से बढ़ते उपयोग के साथ उसकी सुरक्षा, विश्वसनीयता और जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी भारत और जापान को वैश्विक AI इकोसिस्टम में मजबूत स्थिति दिलाने के साथ-साथ दोनों देशों की तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा देगी। साथ ही इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में तकनीकी संतुलन स्थापित करने में भी यह सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।




