अविश्वास प्रस्ताव कांग्रेस की हताशा और नेतृत्व संकट का प्रतीक: वनमंत्री केदार कश्यप

रायपुर, 20 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद वनमंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव कांग्रेस की हताशा, राजनीतिक दिवालियापन और नेतृत्व संकट का प्रतीक है।
केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा, सकारात्मक एजेंडा और जनता का विश्वास नहीं बचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल सुर्खियों में बने रहने और अपनी आंतरिक कलह को छिपाने के लिए कांग्रेस यह दिशाहीन अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई थी।
वनमंत्री ने कहा कि विधानसभा की चर्चा ने स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस सरकार के खिलाफ एक भी तथ्यात्मक और तार्किक आरोप प्रस्तुत करने में विफल रही। उनके अनुसार विपक्ष का पूरा प्रयास केवल भ्रम फैलाने और राजनीतिक माहौल बनाने तक सीमित रहा।
केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरी प्रतिबद्धता के साथ लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में फैसले, महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिला सशक्तीकरण, युवाओं के लिए रोजगार और पारदर्शी सुशासन सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इन्हीं जनहितकारी कार्यों से घबराकर कांग्रेस निराधार आरोपों की राजनीति कर रही है।
वनमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव के नाम पर सदन का बहुमूल्य समय व्यर्थ किया। उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष बिखरा हुआ, असंगठित और नेतृत्वविहीन नजर आया। उनके अनुसार यह प्रस्ताव भाजपा सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि कांग्रेस के भीतर बढ़ते अविश्वास और गुटबाजी का प्रतीक बन गया।
केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता विकास, सुशासन और परिणाम आधारित राजनीति चाहती है, जबकि कांग्रेस आज भी नकारात्मक राजनीति में उलझी हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है और भाजपा सरकार जनकल्याण, विकास तथा सुशासन के संकल्प के साथ आगे बढ़ती रहेगी।




