
जगदलपुर, 29 जुलाई 2026
ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) आड़ावाल, जगदलपुर द्वारा 21 जुलाई से 26 जुलाई तक आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्व-सहायता समूह की 30 दीदियों को प्राकृतिक एवं आकर्षक राखियां बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में जिले के सातों जनपदों से महिलाओं ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को धान, चावल, लालभाजी के बीज, कुकुम्बर (खीरा) के बीज, मयूर पंख, बांस तथा अन्य प्राकृतिक और सजावटी सामग्री से सुंदर एवं कलात्मक राखियां तैयार करना सिखाया गया। इसके साथ ही डिजाइन चयन, रंग संयोजन, गुणवत्ता, पैकेजिंग और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने की तकनीकी जानकारी भी दी गई।
प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद सभी महिलाएं अपने-अपने जनपदों में लौटकर स्व-सहायता समूह की अन्य सदस्यों के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर रक्षाबंधन के लिए राखियों का निर्माण करेंगी। इससे स्थानीय बाजार में हस्तनिर्मित एवं पर्यावरण हितैषी राखियों की उपलब्धता बढ़ेगी और महिलाओं को त्योहारी सीजन में अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा।
प्राकृतिक सामग्री से तैयार ये राखियां पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देती हैं। स्थानीय संसाधनों के उपयोग से बस्तर की पारंपरिक कला, ग्रामीण महिलाओं की रचनात्मकता और स्थानीय हस्तशिल्प को नई पहचान मिल रही है।
ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) की यह पहल केवल कौशल विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। इस रक्षाबंधन पर स्व-सहायता समूह की दीदियों द्वारा तैयार की गई आकर्षक, हस्तनिर्मित और पर्यावरण हितैषी राखियां लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है।





