इस्लामाबाद में आतंकी नेटवर्क का शक्ति प्रदर्शन, हमजा बुरहान के जनाजे में दिखे खूंखार आतंकी

इस्लामाबाद/पीओके, 23 मई 2026। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मारे गए वांटेड आतंकी अरजमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान के जनाजे में आतंकियों का जमावड़ा देखने को मिला। इस दौरान भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी और हिजबुल मुजाहिद्दीन का सरगना Syed Salahuddin भी मौजूद रहा। जनाजे में आतंकियों के हाथों में AK-47 और कई अत्याधुनिक हथियार दिखाई दिए, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
हमजा बुरहान को हाल ही में मुजफ्फराबाद में अज्ञात बंदूकधारियों ने मार गिराया था। इसके बाद उसका जनाजा इस्लामाबाद में आयोजित किया गया, जहां भारी सुरक्षा के बीच कई बड़े आतंकी संगठन के कमांडर पहुंचे। इस दौरान अल-बदर संगठन का प्रमुख बख्त जमीन खान भी देखा गया। जनाजे में शामिल आतंकियों की सुरक्षा के लिए हथियारबंद गार्ड तैनात थे।
सूत्रों के मुताबिक, हमजा बुरहान सिर्फ एक आतंकी नहीं बल्कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए अहम मोहरा माना जाता था। वह पीओके में कई आतंकी लॉन्चिंग पैड संचालित कर रहा था, जहां आतंकियों को ट्रेनिंग देने के साथ उनका ब्रेनवॉश भी किया जाता था। मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा का रहने वाला हमजा लंबे समय से भारत विरोधी गतिविधियों में सक्रिय था।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, उसका पूरा नाम अरजमंद गुलजार डार उर्फ डॉक्टर था और वह आतंकी संगठन अल-बदर का टॉप कमांडर था। दक्षिण कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने और आतंकी संगठनों में भर्ती कराने में उसकी बड़ी भूमिका रही है।
बताया जाता है कि करीब सात साल पहले वह वैध दस्तावेजों के जरिए पाकिस्तान गया था। वहां उसने अल-बदर संगठन जॉइन किया और बाद में ऑपरेशनल कमांडर बन गया। पाकिस्तान में बैठकर वह आतंकियों की भर्ती, फंडिंग और हथियार सप्लाई का नेटवर्क चला रहा था।
भारत सरकार ने वर्ष 2022 में उसे आधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित किया था। गृह मंत्रालय के मुताबिक, वह पुलवामा और दक्षिण कश्मीर में आतंक फैलाने, युवाओं को भड़काने और आतंकी फंडिंग जुटाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमजा मुजफ्फराबाद स्थित एक औद्योगिक परिसर से अपना नेटवर्क संचालित करता था, जिसे ‘माचिस फैक्ट्री’ के नाम से जाना जाता है। यहां से ड्रग्स तस्करी, जाली नोटों का कारोबार और हथियारों की सप्लाई जैसे अवैध काम भी संचालित किए जा रहे थे।




