छत्तीसगढ़ का आजीविका मॉडल देशभर के लिए प्रेरणादायी : केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान

सेरीखेड़ी में अजा परियोजना, पिंक दीदी और महिला समूहों के नवाचारों का किया निरीक्षण
रायपुर। कमलेश पासवान ने गुरुवार को रायपुर जिले के सेरीखेड़ी स्थित मल्टी यूटिलिटी सेंटर का दौरा किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत संचालित इस केंद्र में उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित विभिन्न आजीविका गतिविधियों और नवाचारों का निरीक्षण किया। मंत्री ने विशेष रूप से अजा (AJA) परियोजना और महिलाओं को बेहतर बाजार लिंकेज उपलब्ध कराने की पहल की सराहना करते हुए इसे देशभर के लिए अनुकरणीय मॉडल बताया।
अजा परियोजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने एकीकृत बकरी पालन मॉडल अजा परियोजना का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के साथ-साथ वैज्ञानिक पशुपालन को भी बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने आधुनिक शेड, नियमित टीकाकरण, पशु बीमा, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और जैविक खाद निर्माण जैसी व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आया है। मंत्री ने कहा कि महिला समूहों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए उपलब्ध बेहतर बाजार व्यवस्था अन्य राज्यों के लिए भी सीखने योग्य है।
पिंक दीदी और बिजनेस दीदी बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
केंद्रीय राज्य मंत्री ने नवा रायपुर में संचालित ई-ऑटो सेवा “प्रोजेक्ट पिंक दीदी” की भी प्रशंसा की। उन्होंने हितग्राही महिलाओं से संवाद कर उनके अनुभव जाने और कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है।
इसके अलावा मंत्री ने बिजनेस दीदी, मशरूम उत्पादन, कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों और आजीविका सेवा केंद्र का भी निरीक्षण किया।




घर की चारदीवारी से निकल महिलाएं संभाल रहीं व्यवसाय की कमान
मंत्री श्री पासवान ने कृषक उत्पादक समूह (FPO) की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर महिलाओं से चर्चा की। महिलाओं ने बताया कि कैसे वे घर तक सीमित रहने से आगे बढ़कर अब संगठित व्यवसाय का नेतृत्व कर रही हैं।
मंत्री ने महुआ कुकीज का स्वाद लिया और समूह की महिलाओं के कौशल की सराहना करते हुए कहा कि असंगठित क्षेत्र को संगठित कर लाभ अर्जित करना ही वास्तविक सशक्तिकरण है।
योजनाओं के विस्तार पर दिया जोर
कमलेश पासवान ने अधिकारियों को इन योजनाओं के और अधिक विस्तार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का ग्रामीण आजीविका मॉडल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है और अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है।
इस दौरान पंचायत सचिव भीम सिंह, कलेक्टर गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिस्वरांजन सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।




