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सुशासन तिहार में ग्रामीणों को मिली योजनाओं की सौगात: आवास की चाबी, महिलाओं को ऋण और स्वास्थ्य सुविधाओं से खिले चेहरे

जगदलपुर। बस्तर जिले के ग्राम पंचायत चमिया में आयोजित ‘सुशासन तिहार 2026’ शिविर ग्रामीणों के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं का बड़ा मंच साबित हुआ। शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया और कई हितग्राहियों को योजनाओं का सीधा लाभ मिला।

शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्षों से पक्के मकान का सपना देख रहे परिवारों को उनके नए घरों की चाबी सौंपी गई। ‘खुशियों की चाबी’ मिलने से हितग्राहियों के चेहरे खिल उठे। ग्रामीणों ने इसे शासन के प्रति विश्वास और सुशासन की मिसाल बताया।

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए स्वयं सिद्धा योजना के तहत हितग्राही उषावती को 2 लाख रुपए का ऋण प्रदान किया गया। इसके अलावा अन्य महिला स्व-सहायता समूहों को भी 6 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता दी गई। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को 6 हजार रुपए के चेक वितरित कर उनके स्वास्थ्य और पोषण को सहयोग दिया गया।

शिविर में शिक्षा और दस्तावेजीकरण से जुड़े कार्य भी किए गए। स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय प्रमाण पत्र एवं जरूरी दस्तावेज मौके पर ही वितरित किए गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए विशेष स्टॉल में ग्रामीणों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई, जहां ब्लड प्रेशर सहित अन्य प्राथमिक परीक्षण और चिकित्सकीय परामर्श दिए गए।

बस्तर पुलिस ने भी शिविर में भाग लेकर ग्रामीणों को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी। इस दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष संतोष बघेल, जिला पंचायत सदस्य निर्देश दीवान सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने शासन की योजनाओं की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

इसी तरह बकावंड विकासखंड के बड़े जीराखाल में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में भी ग्रामीणों का उत्साह देखने को मिला। शिविर में कुल 53 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका निराकरण जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया गया। जनपद पंचायत अध्यक्ष सोनबारी भद्रे, जिला पंचायत सदस्य ललिता कश्यप और बनवासी मौर्य ने शिविर में मौजूद रहकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।

ग्रामीणों ने कहा कि एक ही स्थान पर स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और अन्य सुविधाओं का लाभ मिलना उनके लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों की भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि ‘सुशासन तिहार’ ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव और भरोसे की नई मिसाल बन रहा है।

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