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जगदलपुर में अमित शाह का ऐलान: बस्तर में 6 महीने में बनेगा डेयरी नेटवर्क, युवाओं की आय बढ़ाने पर फोकस

जगदलपुर, 20 मई 2026। Amit Shah ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में बस्तर को नक्सलमुक्त और विकसित क्षेत्र बनाने की बड़ी कार्ययोजना पेश की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश से नक्सलवाद का लगभग पूर्ण उन्मूलन हो चुका है और अब अगले 5 वर्षों में बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

गृह मंत्री ने कहा कि “सुरक्षा से विश्वास, विश्वास से विकास, विकास से समृद्धि और समृद्धि से संतृप्ति” के मंत्र पर काम करते हुए बस्तर की आय को अगले 5 वर्षों में 6 गुना तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में शहीद हुए सुरक्षाबलों के जवानों और उनके परिजनों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि नक्सलमुक्त भारत का पूरा श्रेय उन्हीं के बलिदान को जाता है।

अमित शाह ने कहा कि केवल नक्सलमुक्त होना पर्याप्त नहीं, बल्कि 2031 तक पूरी तरह विकसित बस्तर बनाना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि जब बस्तर विकसित होगा, तब दुनिया देखेगी कि विकास को सबसे ज्यादा नुकसान नक्सलवाद ने पहुंचाया था।

गृह मंत्री ने बताया कि बस्तर में नक्सल उन्मूलन के लिए बनाए गए करीब 200 सुरक्षा कैंपों में से पहले चरण में 70 कैंपों को “वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा” में बदला जाएगा। इन सेवा डेरों में बैंकिंग, आधार कार्ड, डिजिटल सेवाएं, कॉमन सर्विस सेंटर और केंद्र-राज्य सरकार की 371 योजनाओं का लाभ एक ही जगह उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आने वाले 6 महीनों में बस्तर में सहकारी डेयरी का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक आदिवासी महिला को एक गाय और एक भैंस उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि दुग्ध उत्पादन और सहकारिता मॉडल के जरिए ग्रामीण आय बढ़ाई जा सके।

अमित शाह ने कहा कि अब वन उपज और कृषि से होने वाले मुनाफे का पूरा लाभ सीधे आदिवासियों तक पहुंचेगा। साथ ही बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन आदिवासी संस्कृति, युवाओं की भागीदारी और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के बड़े मॉडल बनकर उभरे हैं।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने बस्तर सहित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की लागत से सड़क निर्माण कराया है। इसके अलावा मोबाइल टावर, बैंक शाखाएं, एटीएम, पोस्ट ऑफिस, एकलव्य स्कूल, आईटीआई और स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किए गए हैं।

गृह मंत्री ने सरेंडर कर चुके नक्सलियों की साइकोलॉजिकल मैपिंग, स्किलिंग और शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि जो लोग हिंसा के शिकार रहे हैं, उन्हें सम्मान के साथ मुख्यधारा में जीने का पूरा अधिकार है। उन्होंने चेतावनी भी दी कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद माओवादी विचारधारा से जुड़े लोग नए भेष और नाम से सामने आ सकते हैं, इसलिए जनता को किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए।

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