छत्तीसगढ़

‘गजरथ यात्रा’ को मिली नई पहचान: CM विष्णुदेव साय ने पुस्तक का किया विमोचन, मानव-हाथी सह-अस्तित्व पर जोर

रायपुर, 17 अगस्त 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के गृहग्राम बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में जशपुर वनमंडल के जनजागरूकता अभियान पर आधारित पुस्तक ‘गजरथ यात्रा-भाग 02’ का विमोचन किया। यह पुस्तक मानव-हाथी द्वंद्व को कम करने, हाथियों के संरक्षण और प्रभावित क्षेत्रों में जनजागरूकता बढ़ाने के लिए जशपुर वनमंडल द्वारा किए जा रहे प्रयासों और अभिनव गतिविधियों का दस्तावेज है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जशपुर वन-संपदा और जैव विविधता से समृद्ध क्षेत्र है। यहां मानव और वन्यजीवों के बीच सुरक्षित सह-अस्तित्व सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हाथियों के प्राकृतिक व्यवहार और विचरण क्षेत्रों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाकर मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाओं को कम किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा के साथ वन और वन्यजीवों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है।

गांव-गांव और विद्यालयों तक पहुंच रही ‘गजरथ यात्रा’

जशपुर वनमंडल द्वारा पिछले वर्षों से हाथी प्रभावित क्षेत्रों में मानव-हाथी द्वंद्व कम करने और ग्रामीणों को सुरक्षित व्यवहार के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। ‘गजरथ यात्रा’ इसी दिशा में शुरू किया गया व्यापक जनजागरूकता अभियान है।

अभियान के माध्यम से हाथी प्रभावित गांवों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचकर ग्रामीणों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को हाथियों के प्राकृतिक व्यवहार, उनके आवास, भोजन और विचरण क्षेत्रों की जानकारी दी जा रही है।

लोगों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, उनकी मौजूदगी के दौरान अनावश्यक रूप से करीब नहीं जाने और आपात स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना देने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

भ्रांतियां दूर कर वैज्ञानिक सोच विकसित करने का प्रयास

‘गजरथ यात्रा’ के जरिए हाथियों को लेकर प्रचलित भ्रांतियों और भय को दूर कर उनके प्रति वैज्ञानिक, संवेदनशील और व्यावहारिक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

अभियान का उद्देश्य ग्रामीण समुदायों की सुरक्षा के साथ हाथियों का संरक्षण सुनिश्चित करना और मानव-हाथी द्वंद्व की संभावनाओं को न्यूनतम करना है।

‘गजरथ यात्रा-भाग 02’ में संरक्षण प्रयासों का दस्तावेज

पुस्तक ‘गजरथ यात्रा-भाग 02’ में जशपुर वनमंडल द्वारा मानव-हाथी द्वंद्व प्रबंधन और हाथी संरक्षण के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों को विस्तार से संकलित किया गया है।

इसमें जनजागरूकता कार्यक्रम, ग्रामीण समुदायों की भूमिका, विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण से जोड़ने तथा हाथियों के साथ सुरक्षित व्यवहार को प्रोत्साहित करने वाली गतिविधियों को प्रमुखता दी गई है।

पुस्तक यह संदेश भी देती है कि प्रभावी वन्यजीव संरक्षण के लिए वन विभाग के साथ स्थानीय समुदाय और आम नागरिकों की जागरूकता एवं सहयोग बेहद जरूरी है।

‘राज संकेत’ ऐप से मिल रही हाथियों की सूचना

जशपुर वनमंडल हाथियों की गतिविधियों की निगरानी और प्रभावित क्षेत्रों तक समय पर सूचना पहुंचाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रहा है।

‘राज संकेत’ ऐप के माध्यम से हाथियों के विचरण और गतिविधियों की जानकारी मिलने पर संबंधित क्षेत्रों के ग्रामीणों तक मोबाइल संदेश के जरिए अलर्ट पहुंचाया जा रहा है।

समय पर सूचना मिलने से ग्रामीणों को सतर्क रहने, आवश्यक सावधानी बरतने और हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचने में मदद मिल रही है।

नई पीढ़ी को वन्यजीव संरक्षण से जोड़ने की पहल

‘गजरथ यात्रा’ में विद्यालयों और विद्यार्थियों को विशेष रूप से जोड़ा जा रहा है। जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को हाथियों के व्यवहार, जैव विविधता, वन एवं वन्यजीवों के महत्व और संरक्षण के बारे में जानकारी दी जा रही है।

इस पहल का उद्देश्य नई पीढ़ी में वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और वैज्ञानिक सोच विकसित करना है, ताकि बच्चे स्वयं जागरूक होने के साथ अपने परिवार और समुदाय तक भी संरक्षण एवं सुरक्षित व्यवहार का संदेश पहुंचा सकें।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले वनकर्मी सम्मानित

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर मानव-हाथी द्वंद्व प्रबंधन, जनसुरक्षा और हाथी संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने वनकर्मियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मैदानी अमले की तत्परता और स्थानीय समुदायों के साथ समन्वय मानव-वन्यजीव द्वंद्व को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार सहित वन विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

मानव और हाथियों के सुरक्षित सह-अस्तित्व की दिशा में पहल

‘गजरथ यात्रा’ के माध्यम से जशपुर में जनसुरक्षा, जनजागरूकता और वन्यजीव संरक्षण को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय समुदाय, आधुनिक तकनीक और वन विभाग के मैदानी अमले के समन्वय से संचालित यह पहल मानव और हाथियों के बीच सुरक्षित सह-अस्तित्व की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आई है।

Related Articles

Back to top button
You Cannot able to copy the content! All Reserved Rights of Bastar Dagar