छत्तीसगढ़

रंगदारी केस में पुलिस से बच निकला शोएब ढेबर: ठिकानों पर पहुंचने से पहले हुआ फरार, आरक्षक पर गिरी गाज

रायपुर, 02 अक्टूबर । कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा से 25 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के मामले में आरोपी शोएब ढेबर की तलाश तेज कर दी गई है। रायपुर पुलिस ने बुधवार को उसके पाम बेलाजिओ स्थित ठिकाने, बैरन बाजार के पारिवारिक आवास समेत करीब आधा दर्जन संभावित ठिकानों पर दबिश दी। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही शोएब वहां से निकल चुका था।

पुलिस को आशंका है कि शोएब दूसरे राज्य में भी जा सकता है। इसके चलते पुलिस की टीमें उसके संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं।

पुलिस की कार्रवाई से पहले मिली जानकारी?

शोएब के दबिश से पहले फरार होने के मामले में पुलिस विभाग ने अपने ही एक आरक्षक पर कार्रवाई की है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट में तैनात आरक्षक शिवम द्विवेदी को डीसीपी क्राइम ने लाइन अटैच कर दिया है।

आरक्षक पर पुलिस की दबिश से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक होने में लापरवाही बरतने का आरोप है। हालांकि, इस कार्रवाई की पुलिस अधिकारियों की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

गोपनीय सूचना लीक होने की जांच

पुलिस को शक है कि शोएब को कार्रवाई की जानकारी पहले ही मिल गई थी। इसके बाद उसने अपने संभावित ठिकाने बदल दिए। अब जांच की जा रही है कि दबिश से जुड़ी गोपनीय जानकारी पुलिस विभाग के किस स्तर से बाहर गई और आरोपी तक कैसे पहुंची।

कोर्ट से दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति

अदालत से शोएब को दोबारा गिरफ्तार करने की अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है। पुलिस उसके संभावित ठिकानों के साथ-साथ संपर्कों की भी जानकारी जुटा रही है। दूसरे राज्यों में भी उसके संभावित ठिकानों को लेकर पुलिस टीमों द्वारा जानकारी जुटाई जा रही है।

14 सितंबर को आया था धमकी भरा मैसेज

पुलिस के मुताबिक, 14 सितंबर को आनंद कुकरेजा को विदेशी नंबर से WhatsApp के जरिए धमकी दी गई थी। आरोप है कि मैसेज के जरिए 25 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई। रकम नहीं देने पर कुकरेजा और उनके परिवार को धमकी दिए जाने की बात सामने आई थी।

जांच के दौरान शोएब ढेबर की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। बाद में उसे छोड़ना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने अदालत से दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति ली। अब पुलिस एक तरफ शोएब की तलाश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ कार्रवाई की सूचना लीक होने के मामले की भी जांच की जा रही है।

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