
जगदलपुर,12 अगस्त 2026
बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और 600 वर्ष पुरानी बस्तर दशहरा परंपरा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने की पहल तेज हो गई है। बस्तर लोकसभा सांसद महेश कश्यप ने नई दिल्ली में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर बस्तर दशहरा के विशेष प्रसारण और बस्तर की सांस्कृतिक विरासत पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माण सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
इस दौरान सांसद महेश कश्यप ने जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना के कार्य प्रारंभ होने की दिशा में हुई प्रगति के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और बदलते बस्तर की सकारात्मक तस्वीर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखे।
सांसद ने केंद्रीय मंत्री से 75 दिवसीय बस्तर दशहरा महोत्सव 2026 के प्रमुख आयोजनों का दूरदर्शन से विशेष लाइव प्रसारण तथा आकाशवाणी से विशेष और सीधा प्रसारण कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा लगभग 600 वर्षों से चली आ रही अद्वितीय जनजातीय सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपरा है।
उन्होंने बताया कि अपनी विशिष्ट पूजा पद्धति, देवी-देवताओं की परंपराओं, जनजातीय रीति-रिवाजों, मुरिया दरबार और रथ परिक्रमा जैसी परंपराओं के कारण बस्तर दशहरा देश के अन्य दशहरा आयोजनों से अलग विशिष्ट पहचान रखता है।
सांसद महेश कश्यप ने बस्तर दशहरा के 600 वर्ष के इतिहास, धार्मिक परंपराओं, जनजातीय संस्कृति, लोकजीवन और बदलते बस्तर पर उच्चस्तरीय डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इससे बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद के प्रभाव के कारण बस्तर की पहचान देश-दुनिया में भय और हिंसा से जोड़कर देखी जाती रही। अब बस्तर नक्सलवाद के प्रभाव से बाहर निकलकर शांति, विकास और नई संभावनाओं की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे समय में बस्तर दशहरा देश और दुनिया के सामने एक शांतिपूर्ण, सुरक्षित, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध एवं विकासशील बस्तर की सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
सांसद ने कहा कि गत वर्ष केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बस्तर दशहरा के अवसर पर बस्तर पहुंचकर मुरिया दरबार में सहभागिता की थी। वहीं इस वर्ष राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के बस्तर दशहरा महोत्सव में आगमन की संभावना है। ऐसे में इस वर्ष के आयोजन का राष्ट्रीय महत्व और भी बढ़ गया है।
सांसद के प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर दशहरा की विशेष कवरेज, दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के माध्यम से प्रसारण तथा डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माण की संभावनाओं पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
सांसद महेश कश्यप ने केंद्रीय मंत्री के त्वरित और सकारात्मक सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बस्तर की 600 वर्ष पुरानी सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच मिलना पूरे बस्तरवासियों के लिए गौरव का विषय है।
उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा केवल बस्तर का पर्व नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, आस्था और परंपराओं की जीवंत पहचान है। दूरदर्शन, आकाशवाणी और डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से बस्तर की संस्कृति, परंपरा और बदलते बस्तर की सकारात्मक तस्वीर देश-दुनिया के सामने प्रभावी रूप से प्रस्तुत होगी। इससे बस्तर की वास्तविक पहचान और सांस्कृतिक समृद्धि को वैश्विक मंच मिलेगा।




