
जगदलपुर, 22 जुलाई 2026
बस्तर पुलिस ने केंद्रीय जेल जगदलपुर से फरार दंडित बंदी महेन्द्र दीवान (25) को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी करीब चार महीने पहले जेल से फरार हो गया था। पुलिस ने लगातार तलाश के बाद उसे नारायणपुर से घेराबंदी कर पकड़ लिया और न्यायालय में पेश करने के बाद फिर से जेल भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, महेन्द्र दीवान निवासी चितालंका कलारपारा, दंतेवाड़ा को दंतेवाड़ा के एक मामले में न्यायालय ने 5 वर्ष 3 माह के कारावास की सजा सुनाई थी। इसके अलावा उसके खिलाफ कांकेर, दंतेवाड़ा और बस्तर जिले में चोरी के अन्य मामले भी लंबित हैं। 4 जनवरी 2026 को उसे जिला जेल दंतेवाड़ा से स्थानांतरित कर केंद्रीय जेल जगदलपुर भेजा गया था।
बताया गया कि 25 मार्च 2026 को महेन्द्र दीवान केंद्रीय जेल जगदलपुर से फरार हो गया था। इस मामले में कोतवाली जगदलपुर में धारा 262 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले भी जिला जेल दंतेवाड़ा से फरार हो चुका था। इतना ही नहीं, इलाज के लिए शहीद महेंद्र कर्मा अस्पताल, डिमरापाल लाए जाने के दौरान भी पुलिस को चकमा देकर भाग निकला था।
आरोपी की गिरफ्तारी को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग, नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार धोत्रे और डीएसपी साइबर अमित देवांगन के मार्गदर्शन में साइबर सेल प्रभारी भोलासिंह राजपूत के नेतृत्व में टीम ने लगातार तकनीकी और मुखबिर सूचना के आधार पर तलाश जारी रखी।
जांच के दौरान आरोपी के नारायणपुर जिले में छिपे होने की सूचना मिली। पुलिस टीम ने एक सप्ताह तक इलाके में कैंप कर रेकी की और घेराबंदी कर महेन्द्र दीवान को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर दोबारा जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक भोलासिंह राजपूत, प्रधान आरक्षक मौसम गुप्ता तथा आरक्षक माहंगु राम और कृष्ण कुमार नेताम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




